चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी की ओर से रविवार को होने वाली सीनेट बैठक के लिए दो टेबल एजेंडा सीनेटर को भेजे गए हैं। इसमें एक डॉ. हरवंश सिंह जज इंस्टीट्यूट ऑफ डेंटल साइंसेज एंड हॉस्पिटल में फैकल्टी की प्रमोशन पॉलिसी और दूसरा टेबल एजेंडा कमेटी की ओर से बनाया सहायक प्रोफेसर का रोस्टर है। टेबल एजेंडा के साथ पीयू में प्रोफेसर के खाली पदों की भी जानकारी दी है। पीयू के कई विभाग सिर्फ एक प्रोफेसर के भरोसे ही चल रहे हैं इसलिए पीयू सीनेट में शिक्षकों की नई भर्ती के मुद्दे पर चर्चा हो सकती है।
पीयू की ओर से बनाई कमेटी ने असिस्टेंट प्रोफेसर रोस्टर में सभी पदों की रिजर्वेशन के साथ रिपोर्ट तैयार कर एजेंडे सहित सीनेटरों को भेजी है। इसके अनुसार असिस्टेंट प्रोफेसर के कुल पद 898 हैं जिसमें शेड्यूल कास्ट के 135 (15 प्रतिशत), शेड्यूल ट्राइब के 67 (7.5 प्रतिशत) और पीडब्ल्यूडी के 36 (4 प्रतिशत) असिस्टेंट प्रोफेसर हैं। इसमें क्षेत्रीय केंद्रों की पोस्ट को भी शामिल किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार भाषा विभागों की स्थिति बहुत खराब हैं। उर्दू में एक, संस्कृत में एक, रशियन में एक, स्टेम सेल एंड टिश्यू इंजीनियरिंग में एक, रुरल सेंटर कॉनी में पंजाबी में शून्य, इतिहास में शून्य, कंप्यूटर साइंस में शून्य, रिजनल सेंटर लुधियाना में एलएलएम कोर्स-4 में शून्य, समाजशास्त्र में शून्य शिक्षक के भरोसे विभाग चल रहे हैं।
सीनेट में ये रहेंगे मुख्य मुद्दे
पीयू में फिल्म की शूटिंग को लेकर यूटी प्रशासन के अवलोकन (ऑब्जर्वेशन) के अनुसार इनडोर और आउटडोर शूट के लिए मूल्यों के रिव्यू को भी बैठक में रखा जाएगा। वहीं, पीयू के संस्कृत विभाग के अध्यक्ष की मांग विभाग के पीजी कोर्स में सीटों की संख्या 68 से घटाकर 40 किए जाने का भी सीनेट में प्रस्ताव है। इसके साथ ही एमए ह्यूमन राइट्स एंड ड्यू टिज कोर्स में सीटें बढ़ाने के प्रस्ताव को रखा जा रहा है। बैठक में पीयू के 400 करोड़ की बढ़ोतरी के साथ एक हजार करोड़ रुपये के बजट को भी प्रस्तावित किया गया है।
सीनेट का हो सकता है घेराव
पीयू में लगभग दो साल बाद सीनेट की बैठक ऑफलाइन माध्यम में होने जा रही है। ऐसे में छात्र मेस के बढ़े मूल्यों और छात्रावास लेने में आ रही समस्याओं को लेकर सीनेट का घेराव कर सकते हैं क्योंकि छात्र इसको लेकर कई बार अधिकारियों को ज्ञापन और प्रदर्शन कर चुके हैं उन्हें केवल आश्वासन ही मिला है। इसके अलावा पीयू गैर शैक्षणिक कर्मचारी भी हफ्ते से छठे पे कमीशन की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं ये कर्मचारी संगठन भी धरना दे सकते हैं।