चंडीगढ़। पंजाब विश्वविद्यालय के खजाने में इस साल से अधिक विदेशी मुद्रा आएगी। दो साल पहले एनआरआई विद्यार्थियों की बढ़ाई गई फीस पर सीनेट ने मुहर लगा दी है। माना जा रहा है कि इस फीस के जरिए पीयू का खजाना भरेगा और आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। स्थानीय विद्यार्थियों की फीस जो पहले निर्धारित थी, वही चलती रहेगी।
20 से अधिक देशों के विद्यार्थी पीयू में करते हैं पढ़ाई
पीयू में 20 से अधिक देशों के विद्यार्थी शिक्षा पाते हैं। कोई नियमित तो कोई प्राइवेट पढ़ाई करता है। यहां 500 से अधिक विद्यार्थियों के रहने के अच्छे बंदोबस्त हैं। वर्तमान में कोरोना के कारण इनकी पढ़ाई ऑनलाइन चल रही है। बढ़ती महंगाई और दूसरे विश्वविद्यालयों से फीस का पीयू ने मिलान किया तो यहां एनआरआई विद्यार्थियों से कम पैसे लिए जा रहे थे। ऐसे में पीयू ने फीस बढ़ाने का निर्णय लिया और प्रस्ताव तैयार हो गया, लेकिन इसको अंतिम मंजूरी नहीं मिल पाई। क्योंकि सीनेट का गठन नहीं हो सका था। अब सीनेट ने इस पर मुहर लगा दी है। वहीं, स्थानीय विद्यार्थियों की फीस में पीयू ने कोई इजाफा नहीं किया है। इससे कोरोना काल में छात्रों को राहत मिली है।
ये तय हुई है फीस
एमएससी फॉरेंसिक साइंस की सालाना फीस 2860 डॉलर की गई है। इसी तरह इंडस्ट्रियल केमेस्ट्री की फीस 2140 डॉलर, एमएससी ऑनर्स एंथ्रोपोलॉजी, बॉटनी, केमेस्ट्री, जियोलॉजी, मैथ, फिजिक्स, जूलॉजी की सालाना फीस 2140 डॉलर, इन्हीं विभाग से बीएससी करने पर फीस 1425 डॉलर लगेगी। एमबीए आईबी, एचआर, बायोटेक की फीस 7500 डॉलर रहेगी। एमसीए की 5715, बीफार्मा 4295, एमफार्मा 4275 डॉलर फीस तय है। इनके अलावा कमेटी ने बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग, मास्टर ऑफ इंजीनियरिंग का भी खाका पेश किया था, जिसे सीनेट ने पास कर दिया है। अन्य विभागों से बीएससी व एमएससी की फीस भी निर्धारित की गई है।
कोरोना के चलते ऑनलाइन संचालित होंगे कोर्स
कोरोना का लगातार विस्तार हो रहा है। इसके चलते ऑफलाइन कक्षाएं नहीं लग पा रही हैं। विदेशी विद्यार्थी अपने देश में हैं। ऐसे में उन विद्यार्थियों को अन्य ऑनलाइन कोर्सेज कराने की तैयारी की जा रही है। इसके जरिए विदेशी मुद्रा और आएगी। नए विद्यार्थी भी ऑनलाइन कोर्सेज से अधिक जुड़ते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि तमाम विदेशी ऐसे हैं, जो नौकरी के साथ पढ़ाई करना चाहते हैं। उनके पास समय का अभाव है। ऐसे में ऑनलाइन कोर्स करने के लिए वह अपना समय तय करते हैं। उनको ध्यान में रखते हुए ऑनलाइन कोर्सेज चलाए जा सकते हैं। सूत्रों का कहना है कि यह नए शैक्षिक सत्र से शुरू हो सकते हैं।