चंडीगढ़। पंजाब विश्वविद्यालय के पर्यावरण अध्ययन विभाग की अध्यक्ष डॉ. सुमन मोर को नवीन व पारंपरिक तरीकों के माध्यम से विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संचार क्षेत्र में उत्कृष्ट शोध करने पर विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय भारत सरकार ने राष्ट्रीय पुरस्कार दिया गया है। इस पुरस्कार के तहत डॉ. सुमन मोर को दो लाख रुपये की राशि दी गई है।
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय हर साल प्रौद्योगिकी संचार के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान और वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान करता है। देशभर के वैज्ञानिक इस पुरस्कार के लिए आवेदन करते हैं। उनमें से उत्कृष्ट वैज्ञानिक का चयन किया जाता है। डॉ. मोर पिछले 21 वर्षों से पर्यावरण और जनस्वास्थ्य के क्षेत्र में कार्य कर रही हैं। वह सक्रिय रूप से पेशेवरों और आम जनता के लिए क्षमता निर्माण प्रशिक्षण और कार्यशालाएं बनाने में लगी हुई हैं। डॉ. मोर ने विज्ञान संचार में विशेष रूप से बच्चों और आम जनता के लिए रुचि विकसित की। हाल ही में कोविड महामारी के दौरान डॉ. मोर ने कोरोना प्रसार को रोकने के लिए सूचना, शिक्षा और संचार सामग्री के विकास का नेतृत्व किया। उनकी कॉमिक श्रृंखला किड्स, वायु और कोरोना आई, जिसके जरिए बच्चों और आम जनता को जागरूक किया गया। पहली कॉमिक 20 से अधिक अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय भाषाओं में उपलब्ध है, जिसे डब्ल्यूएचओ और यूनिसेफ ने भी अपनाया है।