5 अप्रैल से शुरू हो चुकी पंजाब यूनिवर्सिटी (पीयू) की वार्र्षिक परीक्षाओं के रिजल्ट में देरी हो सकती है। वीरवार से पीयू सीक्रेसी ब्रांच में उत्तर पुस्तिकाओं की जांच का काम शुरू होने वाला था।
मूल्यांकन के लिए ड्यूटी पर तैनात प्रोफेसर भी पहुंचे। लेकिन पहले दिन पीयू प्रशासन की मूल्यांकन को लेकर की गई तैयारियों की पोल खुल गई। करीब 30 प्रोफेसर एक घंटे तक इंतजार कर घरों को लौट गए ।
पीयू प्रशासन ने मूल्यांकन के लिए जरूरी नॉन टीचिंग स्टॉफ (हेल्पर और क्लर्क) के समय पर प्रबंधन हीं नहीं किया गया। प्रोफेसरों ने पीयू प्रशासन के खिलाफ नाराजगी भी जाहिर कर लिखित में शिकायत भी की है।
वीरवार से पीयू के अरुणा रणजीत चंद्रा हाल में ग्रेजुएट स्तर पर तीसरे वर्ष की परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन होना था। प्रोफेसर तय समय पर मूल्यांकन सेंटर में पहुंच गए।
मूल्यांकन के लिए करीब 150 हेल्पर्स और क्लर्कों की जरूरत थी। लेकिन सीक्रेसी विभाग के पास सिर्फ 70-80 कर्मी ही थे। इन कर्मचारियों को भी संबंधित विभागों से रिलीव नहीं किया गया। सूत्रों के अनुसार शुक्रवार को भी ऐसी स्थिति रहने पर मूल्यांकन का काम शुरू होना मुश्किल है।
समय पर नहीं रखे कर्मचारी
जानकारी के अनुसार पीयू रजिस्ट्रार दफ्तर तक ठेके पर परीक्षाओं के मूल्यांकन के समय अस्थायी कर्मचारियों की तैनाती की जाती थी। लेकिन काम में देरी कर दी गई है।
पीयू प्रशासन प्राइवेट एजेंसी से कर्मचारियों को लेने के लिए टेंडर जारी कर चुकी है। लेकिन टेंडर 11 मई को खुलेगा। ऐसे में समय पर कर्मचारी नहीं मिल सके। सूत्रों के अनुसार सीक्रेसी विभाग से कुछ दिन पहले ही करीब 18 कर्मचारियों का तबादला भी कर दिया गया है।