चंडीगढ़। पंजाब विश्वविद्यालय की गति इस समय बहुत धीमी है। छात्रों के परिणाम को लेकर दिक्कतें ही दिक्कतें आ रही हैं। चार माह पहले विद्यार्थियों को प्रमोट किया गया था, लेकिन उनके अंक नहीं मिले हैं। हजारों विद्यार्थियों को इसका लाभ नहीं मिला है। विद्यार्थी अब विभागों के चक्कर लगा रहे हैं। हालांकि, कुछ विद्यार्थियों को अंक दिए गए हैं।
इस तरह लिया गया था निर्णय
कोरोना काल के दौरान सवाल खड़ा हो गया था कि विद्यार्थियों की परीक्षाएं कैसे कराई जाएं। देशभर में इसे लेकर मंथन हुआ और आखिर में यूजीसी ने तय किया कि फाइनल ईयर के विद्यार्थियों को छोड़कर बाकी विद्यार्थियों को अगली कक्षाओं में प्रमोट कर दिया जाए। प्रमोट कैसे किया जाएगा? इसका निर्णय हर संस्थान को अपने स्तर से करना था। पीयू ने भी इसके लिए कमेटी बनाई और क्राइटेरिया तय कर दिया। हाउस टेस्ट में आए अंकों के आधार पर विद्यार्थियों को प्रमोट करने का रास्ता खुला। साथ ही पिछले सेमेस्टर में आए अंकों को भी इसमें कुछ जगह दी गई। पीयू ने इस माध्यम से पीयू कैंपस व 196 कॉलेजों के एक लाख से अधिक विद्यार्थियों को प्रमोट कर दिया और उन्हें अगली कक्षाओं में भेज दिया।
इन विद्यार्थियों के फंसे हैं अंक
इसके बाद पीयू को इन विद्यार्थियों को मार्कशीट में अंक दिए जाने थे, लेकिन यह कार्य पूरा अब तक नहीं हो पाया। छठे सेमेस्टर के विद्यार्थियों को अंक दिए गए हैं। बाकी बीए कला वर्ग व बीकॉम के हजारों विद्यार्थियों को अंक नहीं मिल पाए। बीए के छात्र रोहित कुमार, बीकॉम के विद्यार्थी राजकुमार, विनोद सिंह का कहना है कि उन्होंने मार्कशीट में प्रमोट किए गए अंकों को दर्ज कराने की पहल की, लेकिन अब तक यह कार्य पूरा नहीं हो पाया। आए दिन विद्यार्थी पीयू के परीक्षा नियंत्रक कार्यालय तक पहुंच रहे हैं। हालांकि, अधिकारी उन्हें आश्वासन दे रहे हैं कि एक सप्ताह में यह कार्य पूरा हो जाएगा।
हाउस टेस्ट में फेल छात्र के लिए क्या रास्ता
कुछ सीनियर शिक्षकों ने सवाल खड़े किए हैं कि प्रमोट किए गए छात्रों में से ऐसे छात्र भी हैं, जो हाउस टेस्ट या पिछले सेमेस्टर में फेल हुए हैं। ऐसे में उन्हें अंक किस आधार पर दिए जाएंगे। यह सवाल अभी खड़ा हुआ है। इन विद्यार्थियों की परीक्षा करवाई जाएगी या नहीं। यह भी तय नहीं है। ये छात्र परेशान हैं। क्योंकि उनका भविष्य अधर में लटका हुआ है। जानकारों का कहना है कि यदि विद्यार्थी किसी कारणवश पिछले सेमेस्टर या हाउस टेस्ट में फेल हो गया है तो इसका मतलब यह नहीं है कि वह आगे की परीक्षाओं में भी वैसा ही प्रदर्शन करेगा। ऐसे में पीयू को इस तरफ ध्यान देना होगा।
छात्रों का हो सकता है नुकसान
शिक्षाविद सुनील शर्मा कहते हैं कि प्रमोट किए गए छात्रों को नौकरी के दौरान दिक्कतें आएंगी। क्योंकि मार्कशीट में लिखा होगा कि उन्हें प्रमोट किया गया है। ऐसे में कंपनी या कोई विभाग उन विद्यार्थियों को पहले मौका देगा, जिन्होंने परीक्षा देकर बेहतर अंक पाए होंगे। हालांकि, प्रमोट करने का निर्णय ऊपर से ही लिया गया था। यह अकेले पीयू का नहीं था।
क्या कहते हैं अधिकारी
छठे सेमेस्टर के अंक सभी को भेज दिए गए हैं। प्राइवेट विद्यार्थियों को भी दूसरे व चौथे सेमेस्टर के अंक डिस्पैच कर दिए गए हैं। बीए आर्ट के विद्यार्थियों को एक सप्ताह में अंक मिल जाएंगे। बीकॉम के विद्यार्थियों को 15 फरवरी के बाद यह लाभ दिया जाएगा। इस पर तेजी से काम चल रहा है। -प्रो. जगत भूषण, परीक्षा नियंत्रक