चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी में एफिडेविट भरवाने के मामले में विद्यार्थियों का रोष बढ़ता ही जा रहा है। विद्यार्थियों ने साफ कर दिया है कि जब तक यह वापस नहीं होता तब तक वह चुप नहीं बैठेंगे। इसके विरोध में स्टूडेंट काउंसिल के अध्यक्ष गौरववीर बयान दिया है। इसके साथ ही विद्यार्थियों ने अब फोन और वाहनों पर से नो टू एफिडेविट का स्टिकर लगाकर विरोध करना शुरू कर दिया है।
विद्यार्थियों ने अपने फोन के पीछे, एक्टिवा गाड़ी हर वाहन पर स्टिकर लगा लिए हैं। विद्यार्थियों ने कहा कि कि यह एफिडेविट उनके मौलिक अधिकार को छीन रहा है। ऐसे में विद्यार्थी इससे सहमत नहीं हो सकते। उन्हें कैंपस में कई प्रकार की समस्याएं होती हैं, ऐसे में प्रदर्शन करना उनकी मजबूरी बन जाता है। कुछ महीने पहले आदित्य ठाकुर की हत्या हो गई। यदि प्रदर्शन न किया जाता तो पीड़ित परिवार को कभी मुआवजा न मिलता। उन्होंने कहा कि यह एफिडेविट उनकी आवाज को दबाने का प्रयास है, लेकिन वह पीछे नहीं हटेंगे।
सुविधाएं मिलने की गारंटी मिले तो वे प्रदर्शन नहीं करेंगे।
स्टूडेंट्स काउंसिल के अध्यक्ष गौरववीर सोहल ने भी इस एफेडेविट पर विरोध जाहिर किया है। उन्होंने कहा कि यदि वीसी मैम हर विद्यार्थी को हॉस्टल रूम दे सकते हैं तो वह प्रदर्शन नहीं करेंगे। फीस नहीं बढ़ेगी, सिक्योरिटी व्यवस्था को दुरुस्त किया जाएगा, भ्रष्टाचार मुक्त कैंपस होगा, कैंपस में सफाई व्यवस्था होगी, अच्छा खाना मिलेगा। सब सुविधाएं देने की वह गारंटी लेते हैं तब वह प्रदर्शन नहीं करेंगे। लेकिन इसके बदले में एफिडेविट भरवाना गलत है। इस यूनिवर्सिटी में टीचिंग, नॉन टीचिंग स्टाफ भी प्रदर्शन करते हैं लेकिन यह पाबंदी केवल विद्यार्थियों पर क्यों लगाई जा रही है। विद्यार्थियों की आवाज को क्यों दबाने का प्रयास हो रहा है। यह जवाब यूनिवर्सिटी प्रशासन दे। यदि प्रशासन इसे वापस नहीं लेता तो विद्यार्थी मिलकर बड़ा प्रदर्शन करेंगे।