पंजाब यूनिवर्सिटी व इससे जुड़े कॉलेजों के कई छात्रों ने यूजीसी को पत्र भेजा है। इसमें छात्रों ने कहा है कि परीक्षा के दौरान यदि किसी छात्र को कोरोना हो जाता है या किसी की मौत हो जाती है तो उसके लिए जिम्मेदार कौन होगा। इसका जवाब दिया जाए। यदि किसी की जिम्मेदारी इसके लिए तय करते हैं तो उसके बाद छात्र परीक्षा के बारे में सोचेंगे। साथ ही कुछ छात्रों ने यूजीसी को आरटीआई भेजकर सवाल पूछा कि किस अधिनियम के तहत आपदा के दौरान परीक्षाएं करवाई जा रही हैं।
पीयू के छात्र नीरज, सुरजीत सिंह, राजेश आदि ने पत्र लिखे हैं। उन्होंने कहा है कि छात्र परीक्षा केंद्रों तक कैसे पहुंचेंगे। पीयू में केवल पंजाब के ही नहीं देशभर के विद्यार्थी पढ़ाई करते हैं। उनकी परीक्षाएं करवाना संभव नहीं हो पाएगा। इस समय छात्र डरे हुए हैं। अभिभावक भी अपने बच्चों को बाहर नहीं भेजना चाहते। ऐसे में परीक्षाएं नहीं होंगी। क्या परीक्षाएं छात्रों के घरों पर करवाई जाएंगी।
यह सवाल भी कुछ छात्रों ने यूजीसी से किया है। कहा है कि लगातार कोरोना के केसों की संख्या में बढ़ोत्तरी हो रही है। छात्र परीक्षा न करवाने के लिए प्रोटेस्ट कर रहे हैं। बावजूद इसके छात्रों के हितों को ध्यान में नहीं रखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रमोशन के आधार पर छात्रों को पास किया जाए।
एबीवीपी ने पीयू वीसी कार्यालय पर यूजीसी की गाइडलाइन का स्वागत किया
एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने पीयू वीसी कार्यालय के बाहर यूजीसी की गाइडलाइन का स्वागत किया। पोस्टरों पर संदेश लिखकर यूजीसी का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि फाइनल ईयर के छात्रों का भविष्य परीक्षाएं होने से अब बर्बाद नहीं होगा। अगर परीक्षाएं नहीं होतीं तो आगे नौकरी से लेकर हर चीज में उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ता। इस मौके पर एबीवीपी पीयू इकाई संयोजक जतिन सिंह, मंत्री चंडीगढ़ अजय सूद आदि मौजूद रहे।