पंजाब विश्वविद्यालय के छात्रावास भले ही 1 नवंबर से खुलने जा रहे हों लेकिन दो दिन से बढ़ रहे कोरोना केसों के चलते अधिकारियों की धड़कनें बढ़ रही हैं।
केस बढ़ते रहे तो छात्रावास फिर बंद किए जा सकते हैं। विश्वविद्यालय इसकी तैयारी कर रहा है। शोधार्थियों के प्रदर्शन के बाद पीयू प्रशासन ने कमेटी बनाकर छात्रावास खोलने का निर्णय लिया और इसके लिए गाइडलाइन तैयार की।
जैसे ही छात्रावास खोलने के आदेश जारी किए गए तो उसके बाद चंडीगढ़ में कोरोना केसों की संख्या बढ़ना शुरू हो गई। इसका अध्ययन पीयू के अधिकारियों ने किया और वह अब सकते में हैं। सूत्रों का कहना है कि अधिकारी चाह रहे हैं कि हॉस्टल खोलने वाला आदेश वापस ले लिया जाए या फिर शोधार्थियों के आने के बाद स्थिति खराब होने पर निर्णय लिया जाए।
सूत्रों का कहना है कि केसों की संख्या 100 से अधिक हुई तो पीयू प्रशासन छात्रावास फिर बंद कर सकता है। इसके संकेत अधिकारियों ने दिए हैं। वहीं दूसरी ओर शोधार्थियों का कहना है कि वह पीयू कैंपस में ही रहेंगे और अपना ध्यान रखेंगे। वह भीड़ में नहीं जाएंगे। नियमों का पालन करेंगे तो कैंपस के सभी शोधार्थी सुरक्षित रहेंगे। ऐसे में छात्रावास दोबारा बंद न किए जाएं।