गेट नंबर एक पर तैनात फोर्स।
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छात्रों पर दर्ज एफआईआर वापस लेने की मांग
मोर्चा ने दिन में हुई वार्ता में कई मुद्दे रखे। इसमें हरियाणा से री-एफिलिएशन पर बनी कमेटी खत्म की जाए, 13 नवंबर के आंदोलन में 14 छात्रों पर दर्ज एफआईआर वापस ली जाए। इसमें प्रशासन ने छात्रों से 8-10 दिन का समय मांगा है और इस दौैरान कोई नई कॉल न देने को कहा था। छात्रों ने कहा कि प्रशासन लगातार समय लेकर मामले टालता है। मोर्चा ने चेतावनी दी कि बुधवार शाम 5 बजे वीसी ऑफिस के बाहर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आगे की रणनीति घोषित की जाएगी।
अब सभी गेट खुले, वीसी ऑफिस के पास लगेगा मंच
मोर्चा की योजना पहले सभी गेट बंद रखने की थी लेकिन छुट्टी और परीक्षा स्थगन के बाद निर्णय बदलना पड़ा। अब सभी गेट खुले रहेंगे। वीसी ऑफिस के पास मंच लगाया जाएगा जहां बाहर से आए संगठन नेता भाषण देंगे।
जवानों को निर्देश देते अधिकारी।
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सीनेट चुनाव करवाओ, नहीं तो आंदोलन तेज होगा
मोर्चा सदस्य रमन ने कहा कि पिछली बार 10 नवंबर के बंद में वीसी ने खुद छुट्टी घोषित कर दी थी लेकिन इस बार वह परीक्षाओं के नुकसान का तर्क दे रही थीं। बुधवार को किसी भी हाल में परीक्षा नहीं होने दी जाती क्योंकि आधे छात्रों की परीक्षा होना सभी के लिए नुकसान है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही सीनेट चुनाव की घोषणा नहीं की गई तो आंदोलन और तेज होगा।
ग्राम पंचायतें, किसान-टीचर यूनियनें भी साथ
सीनेट चुनाव न होने के विरोध में पंजाब की ग्राम पंचायतें, किसान संगठन, टीचर यूनियनें, मजदूर व महिला संगठन मोर्चा को खुला समर्थन दे रहे हैं। 26 नवंबर की रैली को लेकर तीन दिनों से लगातार मार्च निकाले जा रहे हैं। छात्र नेताओं ने कहा कि कुछ किसान नेता भी रैली में शामिल होंगे।
शाम 7:30 बजे गेट नंबर 2 बंद
मोर्चा ने शाम सात बजे कैंपस में मार्च निकाला और 7:30 बजे गेट नंबर 2 बंद कर दिया। सदस्यों ने नारेबाजी करते हुए कहा कि प्रशासन गुमराह करता है। पहले छुट्टी की सहमति दी, फिर शाम को परीक्षा शिफ्ट कर दी। अब हम मजबूती से रणनीति तय करेंगे। मोर्चा ने कहा कि उनकी कोशिश यही रहेगी कि किसी भी विद्यार्थी की परीक्षा मिस न हो।