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Chandigarh News: पंजाब से चंडीगढ़ तक फैला साइकोट्रोपिक ड्रग्स का जाल

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चंडीगढ़। पंजाब में सक्रिय साइकोट्रोपिक ड्रग्स का नेटवर्क अब चंडीगढ़ तक फैल चुका है। यह खुलासा प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की हालिया जांच में हुआ है। ईडी ने मंगलवार को पंजाब में साइकोट्रोपिक दवाओं की अवैध सप्लाई चेन को संचालित करने वाले अभिषेक कुमार को गिरफ्तार किया था।
रिमांड के दौरान मिले इनपुट में खुलासा हुआ कि ट्रामाडोल और अल्प्राजोलम जैसी प्रतिबंधित दवाएं चंडीगढ़ के कई इलाकों में प्राइवेट केमिस्टों और कुछ क्लीनिकों के जरिए अवैध रूप से बेची जा रही हैं। ईडी जालंधर ने इस संबंध में ईडी चंडीगढ़ यूनिट को इनपुट साझा कर दिए हैं।
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चंडीगढ़ के केमिस्ट और क्लीनिक अब ईडी के रडार पर
सूत्रों के अनुसार आने वाले दिनों में ईडी चंडीगढ़ में उन निजी केमिस्ट शॉप्स और क्लिनिकों की जांच करेगी, जहां बिना वैध रिकॉर्ड के साइकोट्रोपिक ड्रग्स की सप्लाई और बिक्री की जा रही है। जांच पंजाब पुलिस की उस एफआईआर के आधार पर शुरू हुई थी जिसमें ट्रामाडोल व अल्प्राजोलम की बड़े पैमाने पर अंतर-राज्यीय तस्करी का मामला दर्ज था। इसी कड़ी में ईडी ने अभिषेक और उससे जुड़े लोगों के 16 ठिकानों पर छापेमारी की जहां से कई आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद हुए।
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ईडी की जांच में सामने आई कंपनियों की सूची
जांच में कई फार्मा कंपनियों और बिचौलियों की भूमिका उजागर हुई है। अभिषेक कुमार अपने नेटवर्क के जरिए अनेक कंपनियों से साइकोट्रोपिक ड्रग्स खरीदकर ब्लैक मार्केट में सप्लाई करता था। ईडी के अनुसार चंडीगढ़ के भी कई होलसेलर और रिटेलर इन कंपनियों से दवाएं खरीदते थे। जिन कंपनियों के नाम सामने आए हैं, उनमें मैसर्स बायोजेनेटिक ड्रग्स प्राइवेट लिमिटेड, मैसर्स सीबी हेल्थकेयर, मैसर्स समिलैक्स फार्माकेम ड्रग इंडस्ट्रीज, मैसर्स एस्टर फार्मा, मैसर्स साउल हेल्थकेयर शामिल हैं। अभिषेक ने अपनी फर्म मैसर्स श्री श्याम मेडिकल एजेंसी के नाम पर बड़े पैमाने पर साइकोट्रोपिक दवाएं खरीदीं और करीब 75% स्टॉक को रिकॉर्ड से बाहर रखकर पंजाब और चंडीगढ़ में अवैध रूप से बेच दिया। ईडी को आशंका है कि नेटवर्क में चंडीगढ़ के कई केमिस्ट, कुछ क्लीनिक और स्थानीय सप्लायर शामिल हो सकते हैं। आने वाले दिनों में पूछताछ और छापेमारी से इस ड्रग सिंडिकेट के और भी तार सामने आने की संभावना है।
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