चंडीगढ़ के गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्टिपल सेक्टर 32 के मनोरोग विभाग में इलाज करा रहे मरीजों को दी जाने वाली जरूरी दवा डाइजापाम अस्पताल में उपलब्ध नहीं है। मरीजों के परिजन दवा के लिए अस्पताल के साथ ही दवा की दुकानों के चक्कर काट-काट कर परेशान हो रहे हैं।
अस्पताल में पहले तो उन्हें लगातार दवा के लिए अगले दिन आओ कहकर लौटा दिया जा रहा है। वहीं परिजनों के हगामा करने पर अंत में मरीज के पंजीकरण कार्ड पर दवा उपलब्ध न होने की बात लिखकर दी जा रही है। इससे एक तरफ जहां दवा के अभाव में मरीज की स्थिति बिगड़ रही है, वहीं परिजन भी काफी परेशान हो रहे हैं।
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दवा की आपूर्ति की चल रही प्रक्रिया
अस्पताल के सूत्रों ने बताया कि दवा खत्म हो जाने के कारण इसके लिए डिमांड भेजी गई है। जल्द ही आपूर्ति होने की उम्मीद है, लेकिन अस्पताल के साथ ही बाजार में भी मरीजों को दवा न मिलने से परेशानी काफी बढ़ गई है। मरीजों के परिजनों का कहना है कि अगर यही स्थिति रही तो फिर उन्हें अपने मरीजों को अस्पताल में भर्ती करना पड़ेगा।
मरीज के परिजन खतरे में
बलटाना निवासी बीबी यादव ने बताया कि उनके मरीज को डाइजापाम की खुराक दी जाती है, लेकिन पिछले 15 दिन से यह बंद है। इसके लिए वे लगातार अस्पताल के चक्कर काट रहे हैं। पहले तो डॉक्टर ने पंजीकरण के कार्ड पर दवा लेने के लिए लिख दिया, लेकिन फिर दवा काउंटर पर बताया गया कि दवा खत्म हो गई है, अगले दिन आना। उसके बाद आने पर पंजीकरण कार्ड पर दवा उपलब्ध नहीं है, लिखकर लौटा दिया गया। बीबी यादव ने बताया कि यह दवा न देने पर मरीज काफी परेशान करता है। इससे परिजनों को खतरा बना रहता है।
मरीजों को दवा न मिलने संबंधी शिकायत अब तक मेरे सामने नहीं आई है। अगर इस तरह की परेशानी है तो इसकी जांच करवाकर इसे तत्काल दूर करवाया जाएगा। - डॉ. रवि गुप्ता, चिकित्सा अधीक्षक, जीएमसीएच-32