पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड में रोजाना काम करने वाले सैकड़ों मुलाजिमों की जिंदगी हर टाइम खतरे में रहती है। बोर्ड भवन में विभिन्न कामों से आने वाले लोग भी महफूज नहीं हैं।
यह खुलासा उस समय हुआ, जब एसडीएम की अगुवाई में फायर विभाग की टीम ने बोर्ड बिल्डिंग में लगे फायर सेफ्टी सिस्टम की जांच की। जांच में सामने आया कि बोर्ड में फायर सेफ्टी से संबंधित कोई सामान पूरा नहीं है। यहां तक की फायर सेफ्टी सिलेंडर भी कई जगह आधे भरे लटके हुए है।
जबकि हॉज में पाइप तक नहीं थी। इसे देख फायर विभाग के अधिकारियों की आंखें खुली रह गईं। उन्होंने बोर्ड के स्टॉफ को जमक र लताड़ लगाई। साथ ही फायर संबंधी सारी कमियां अगले बीस दिनों में सुधारने की हिदायत दी।
जानकारी के मुताबिक फायर विभाग की टीम शुक्रवार को करीब 11 बजे एसडीएम लखमीर सिंह की अगुवाई की बोर्ड आफिस में पहुंची। जैसे ही चेकिंग की सूचना बोर्ड अधिकारियों को मिली, तो स्टाफ में भगदड़ मच गई।
विभाग की टीम एक-एक करके बोर्ड के तीनों ब्लॉकों में गई। साथ ही सारे सिस्टम की जांच की। जांच में सामने आया कि फायर हाईड्रेंटस सिस्टम काम नहीं कर रहा है। हॉज में पाइप नहीं थीं। ऐेसे में आग लगने पर काफी नुकसान हो सकता है। फायर सेफ्टी सिलेंडर भी आधे ही भरे हुए थे। रही सही कसर मुलाजिमों के अधूरे ज्ञान ने पूरी कर दी।
इस दौरान मौके पर बोर्ड के एसडीओ मान सिंह को स्थिति सुधारने के आदेश दिए गए। साथ ही साफ किया कि अगर 20 दिन में स्थिति नहीं सुधरी तो उचित कार्रवाई की जाएगी।
इसमें जुर्माना तक लगाया जा सकता है। जिक्रयोग है कि बोर्ड ने करीब दो साल पहले चेयरमैन डॉ. दलबीर सिंह ढिल्लों के समय में लाखों रुपये की लागत से नया फायर सेफ्टी सिस्टम विकसित किया था। लेकिन इस स्थिति ने बोर्ड अधिकारियों की खरीद पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
आग लगी तो नहीं लगेगा मुलाजिमों को पता
बोर्ड में यदि आग या कोई अन्य अप्रिय घटना घट जाती है। तो मुलाजिम इससे अपने आपको नहीं बचा पाएंगे। क्योंकि बोर्ड में लगा अलॉर्म सिस्टम भी कई सालों से बंद पड़ा है। इसकी तरफ भी बोर्ड मैनेजमेंट का कोई ध्यान नहीं है। बोर्ड स्टाफ को इसे भी तुरंत ठीक करने के लिए कहा गया है।
बहुमूल्य रिकॉर्ड पर भी खतरा
आग लगने से जहां मुलाजिमों का जीवन तो खतरे में है। बोर्ड की विभिन्न शाखाओं में रखा पूरे राज्य का बहुमूल्य रिकार्ड भी नष्ट हो सकता है। जिक्रयोग है कि बोर्ड से हर साल छह लाख विद्यार्थी बोर्ड परीक्षाओं में अपीयर होते हैं। उनका सारा रिकॉर्ड बोर्ड में तैयार होता है। ऐसे में जरा सी चूक भी बड़ी खतरनाक साहिब हो सकती है।
2200 मुलाजिमों, 2000 लोग आते हैं रोजाना
बोर्ड में रोजाना 2200 के करीब मुलाजिम काम करने के लिए आते हैं। इतने ही मुलाजिम बोर्ड की बिल्डिंग में चल रहे शिक्षा विभाग के कार्यालय में कार्यरत हैं। इसके अलावा दोनों साइड रोजाना दो हजार के करीब लोग अपने विभिन्न कामों से पहुंचते हैं। ऐसे में आग लगती है, तो हादसे में काफी नुकसान हो सकता है।