पंजाब रोडवेज व पनबस के ठेका मुलाजिमों के समर्थन में रविवार को पेप्सू रोड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (पीआरटीसी) के आउटसोर्स मुलाजिम भी हड़ताल पर चले गए। इसके चलते पहले से ही आर्थिक संकट से जूझ रहे कॉरपोरेशन का एक ही दिन में 1.50 करोड़ रुपये का नुकसान हो गया। हड़ताल के कारण कॉरपोरेशन की 730 बसों का चक्का जाम रहा। इससे सवारियों को काफी परेशानी हुई लेकिन निजी बस ऑपरेटरों को खूब फायदा हुआ।
पीआरटीसी के बेड़े में इस समय तकरीबन 1230 बसें शामिल हैं। इसमें साधारण बसों के अलावा एसी व किलोमीटर स्कीम की बसें भी हैं। पंजाब रोडवेज व पनबस के ठेका मुलाजिमों के समर्थन में रविवार को कॉरपोरेशन के करीब 2700 आउटसोर्स मुलाजिम हड़ताल पर चले गए। इनकी मांगें बटाला डिपो के निलंबित कंडक्टर की बहाली के अलावा स्थायी करने की हैं।
हड़ताल के कारण कॉरपोरेशन के नौ डिपुओं पटियाला, संगरूर, बरनाला, बठिंडा, बुढलाडा, लुधियाना, कपूरथला, फरीदकोट व चंडीगढ़ की 1230 बसों में से 60 फीसदी के हिसाब से करीब 730 बसें खड़ी रहीं। केवल 500 के करीब बसें ही रविवार को रूटों पर रेगुलर मुलाजिमों के सहारे दौड़ सकीं, क्योंकि कॉरपोरेशन के पास रेगुलर स्टाफ काफी कम है। अधिकतर बसें इन 2700 आउटसोर्स मुलाजिमों के सहारे ही चलाई जा रही हैं। इन 2700 मुलाजिमों में केवल कुछ क्लेरिकल व वर्कशॉप स्टाफ है, जबकि अधिकतर ड्राइवर व कंडक्टर ही हैं।
पीआरटीसी का सरकार पर 187 करोड़ बकाया
पीआरटीसी पहले से ही बेहद खराब आर्थिक दौर से गुजर रहा है। महिलाओं के मुफ्त बस सफर के 187 करोड़ रुपये पंजाब सरकार पर बकाया है। मई 2022 से सरकार ने महिलाओं के मुफ्त बस सफर का कोई भुगतान नहीं किया है। इस कारण मुलाजिमों को वेतन और सेवानिवृत्त कर्मियों को वेतन देने में परेशानी हो रही है। मुलाजिमों को लगातार धरने व प्रदर्शन कर वेतन लेना पड़ रहा है।