पंजाब में बसों में सफर करना अब और महंगा होने जा रहा है। पेप्सू रोड ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन (पीआरटीसी)ने किराये में बढ़ोतरी का प्रपोजल बनाया है, जिसे एक-दो दिनों में पंजाब सरकार को भेजा जा रहा है।
डीजल के रेट में बढ़ोतरी के मद्देनजर यह फैसला लिया गया है। रेट बढ़ने से कारपोरेशन पर सालाना दो करोड़ 40 लाख का अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ गया है। पीआरटीसी के मैनेजिंग डायरेक्टर भुपिंदर सिंह ने इसकी पुष्टि की।
सोमवार रात से पंजाब में डीजल के दाम बढ़ गए हैं। इससे पहले से ही आर्थिक तंगी से जूझ रहे कारपोरेशन पर रोजाना 70 हजार रुपये का अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ा है, जो सालाना तकरीबन दो करोड़ 40 लाख रुपये बनता है।
कारपोरेशन के लिए पहले ही अपने खर्चे पूरे करना और कर्मचारियों व पेंशनरों को सैलरी व पेंशन देना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में डीजल के दाम बढ़ने से कारपोरेशन की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
ऊपर से पीआरटीसी की बसों से होने वाली आमदनी बढ़ने का नाम नहीं ले रही है। भरसक प्रयासों के बावजूद आमदन रोजाना 70 से 75 लाख की ही हो रही है, जबकि लक्ष्य 90 लाख रोजाना का बनाया गया है।
इस गंभीर संकट के मद्देनजर पीआरटीसी ने बसों के किराये में बढ़ोतरी की तैयारी कर ली है। कारपोरेशन ने प्रति किलोमीटर 10 पैसे किराये में बढ़ोतरी का प्रपोजल तैयार किया है, जो सरकार को भेजा जा रहा है।
वर्तमान में बसों का किराया 83 पैसे प्रति किलोमीटर है। बढ़ोतरी होने पर किराया 93 पैसे प्रति किलोमीटर हो जाएगा। एमडी भूपिंदर सिंह ने कहा कि प्रपोजल तैयार है, सरकार को जल्द भेजा जाएगा।
कारपोरेशन का यही प्रयास रहेगा कि किराया जल्द बढ़े, क्योंकि हमारे लिए खर्चे पूरे करना पहले ही मुश्किल हो रहा है।