सरकार का दावा है कि वे किसानों को कर्जदार नहीं, बल्कि समृद्ध बनाने की दिशा में काम कर रही है। लेकिन किसान संगठन अपनी कर्जमाफी के साथ-साथ किसान पेंशन की मांग को भी बुलंद किए हुए हैं। किसानों की इसी मांग को लेकर सरकार ने पिछले दिनों एक विशेष कमेटी का गठन किया है, जो इस पर मंथन कर रही है कि क्या सरकार मौजूदा हालातों में किसानों को पेंशन देने की स्थिति में है।
हरियाणा के कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ कहते हैं कि सरकार ने कभी किसानों से झूठे वादे नहीं किए। हम किसानों को कर्जदार नहीं, बल्कि समृद्ध और सक्षम बनाना चाहते हैं। मध्यप्रदेश में कर्जमाफी के नाम पर सिर्फ किसानों को बेवकूफ बनाया गया है, उनके सिर्फ अल्पकालीन ऋण माफ किए हैं, जिसे अमूमन किसान चुका देते हैं। पड़ोसी पंजाब राज्य में भी कर्जमाफी के नाम पर किसानों को गुमराह किया गया है, लेकिन हरियाणा ऐसा नहीं करेगा।