पंजाब के 4 दिवसीय दौरे को लेकर लुधियाना पहुंचे अरविंद केजरीवाल का लुधियाना रेलवे स्टेशन पर शताब्दी से उतरते ही 'चूड़ियों से स्वागत' हुआ। दिल्ली की तरह यहां भी महिलाओं की भारी भीड़ ने अरविंद केजरीवाल के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए उनपर चूड़ियां फेंकी।
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महिला कांग्रेस वर्करों और छोटेपुर के समर्थकों ने केजरीवाल के खिलाफ नारेबाजी की। पुलिस सुरक्षा में केजरीवाल को रेलवे स्टेशन से निकाला गया और फिर उनका काफिला गांव झांडे की तरफ बढ़ गया। रेलवे स्टेशन के बाहर ही श्री हिंदू तख्त के नेताओं ने भी जोरदार नारेबाजी की।
पंजाब में आम आदमी पार्टी में जान फूंकने के मकसद से अरविंद केजरीवाल ने चार दिन के लिए पंजाब का रूख किया है। वे वीरवार को नई दिल्ली-अमृतसर स्वर्ण शताब्दी एक्सप्रेस से लुधियाना पहुंचे थे। लुधियाना स्टेशन पर आप पंजाब के प्रभारी संजय सिंह और सांसद भगवंत मान समेत कई नेता केजरीवाल का इंतजार कर रहे थे।
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वहीं संभावित विरोध को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम कर रखे थे। रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर दो को पुलिस छावनी में बदल दिया गया था। एडीसीपी जोगिंदर सिंह, एसीपी रमनीश चौधरी के नेतृत्व में सादी वर्दी में भी पुलिस के जवान मौजूद थे। करीब 12 बजे शताब्दी एक्सप्रेस स्टेशन पर पहुंची। संजय सिंह और भगवंत मान ने केजरीवाल का स्वागत किया।
स्टेशन पर उतरते ही केजरीवाल को पुलिस ने घेरे में लिया
लुधियाना में अरविंद केजरीवाल के खिलाफ विरोध प्रदर्शन
- फोटो : अमर उजाला
ट्रेन से उतरते ही केजरीवाल को पुलिस ने अपने घेरे में ले लिया। इसी बीच यूथ अकाली दल के कार्यकर्ता जिला प्रधान गुरदीप सिंह गोशा के नेतृत्व में नारेबाजी करने लगे और केजरीवाल पर चूड़ियां उछाल दी।
इसके बाद महिला कांग्रेस की कार्यकर्ताओं ने भी नारेबाजी कर केजरीवाल का विरोध किया। स्टेशन के बाहर छोटेपुर के समर्थक भी हाथ में बैनर लिए नारेबाजी करते हुए केजरीवाल का विरोध करते नजर आए।
वहीं श्री हिंदू तख्त के राज्य प्रमुख प्रचारक वरुण मेहता के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की और केजरीवाल गो बैक के नारे लगाए। रेलवे स्टेशन पर मीडिया का भी भारी जमावड़ा था, लेकिन केजरीवाल ने किसी से भी बात नहीं की और पुलिस के घेरे में अपने गंतव्य की ओर रवाना हो गए।
अगले तीन दिन ये शेड्यूल रहेगा
लुधियाना में अरविंद केजरीवाल के खिलाफ विरोध प्रदर्शन
- फोटो : ANI
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय कनवीनर अरविंद केजरीवाल वीरवार से पंजाब के चार दिवसीय दौरे पर हैं। पार्टी में बने हालातों और तमाम विवादों को देखते हुए उन्होंने इस बार अपना सारा फोकस वॉलंटियर्स पर ही रखने की योजना बनाई है। इसी लिए चार में से तीन दिन वह वॉलंटियर्स के साथ बैठक करेंगे।
केजरीवाल निकटवर्ती गांव झंडे में एक पार्टी वॉलंटियर के घर पर ठहरेंगे। पहले दिन वह अब तक घोषित पार्टी उम्मीदवारों के साथ बैठक करेंगे। इसमें उन्हें चुनावी रणनीति के बारे में बताएंगे।
साथ ही कई जगह बगावत के कारण पेश आ रही मुश्किलें भी सुनेंगे। उसके बाद केजरीवाल वॉलंटियर्स के साथ बैठकें करेंगे। आठ, नौ और दस को दोपहर में भी वह वॉलंटियर्स के साथ बैठकें करेंगे। इस दौरान वह टिकट वितरण व अन्य कारणों से नाराज लोगों का दुखड़ा भी सुनेंगे।
लुधियाना में अरविंद केजरीवाल के खिलाफ विरोध प्रदर्शन
- फोटो : अमर उजाला
साथ ही यह संदेश देने की कोशिश करेंगे कि अगर कोई समस्या है तो हल करने के लिए वह हैं। दस की शाम छह बजे वह पटियाला में टीचरों और डॉक्टरों को संबोधित करेंगे। 11 सितंबर को वह गांव ढूडिके जाकर लाला लाजपत राय को श्रद्धांजलि भेंट करेंगे। उसके बाद मोगा के पास बाघा पुराना में पार्टी का किसान मेनिफेस्टो रिलीज करेंगे।
इस समागम के दौरान पार्टी ने शक्ति प्रदर्शन का मन बनाया है। भीड़ जुटा कर यह संदेश दिया जाएगा कि पार्टी पर घटनाक्रम का कोई असर नहीं पड़ा है। 11 सितंबर की रात केजरीवाल अमृतसर रुकेंगे और अगले दिन नई दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगे। पार्टी को उम्मीद है कि केजरीवाल के दौरे से पूरी तरह डैमेज कंट्रोल हो जाएगा।
पिछले दिनों पार्टी पर लगे आरोपों और सुच्चा सिंह छोटेपुर व सात जोनल कॉर्डिनेटरों के अलग होने से वॉलंटियर्स और वोटरों पर जो प्रभाव पड़ा है, वह खत्म हो जाएगा। वॉलंटियर्स का मनोबल बढ़ाने के मकसद से ही इस बार केजरीवाल का ज्यादा समय उनके साथ बैठकों के लिए रखा गया है।