शिक्षा सदन के अधिकारियों ने राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ के सदस्यों को मुलाकात के बहाने घंटों इंतजार कराया। इसके बावजूद अंदर नहीं बुलाने पर शिक्षकों का गुस्सा भड़का और उन्होंने शिक्षा सदन के बाहर ही नारेबाजी शुरू कर दी। ये शिक्षक मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपने आए थे।
शिक्षकों की तादात इतनी ज्यादा और गुस्सा इतने चरम पर था कि अधिकारी भी दो घंटे तक शिक्षा सदन में ही कैद रहे। आखिर में मौलिक शिक्षा निदेशक पंकज अग्रवाल ने संघ के सदस्यों से ज्ञापन लिया और विचार-विमर्श करने का आश्वासन देकर मामला शांत कराया।
पूरे दिन शिक्षा सदन के बाहर हुए धरना-प्रदर्शन के बाद शिक्षकों में ऐसा रोष बढ़ा कि वे दोपहर बाद चार बजे से शिक्षा सदन के मेन गेट पर खड़े होकर रास्ता ही रोक दिया।
हालात को देखते हुए पुलिस कर्मियों ने हैफेड चौराहे पर एक तरफ बैरिकेड लगा दिए और करीब दो घंटे तक रूट भी डायवर्ट करना पड़ा।