चंडीगढ़। सेक्टर-17 के प्लाजा में मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस पर चंडीगढ़ के पंजाबी प्रेमियों ने धरना प्रदर्शन किया। यह धरना चंडीगढ़ पंजाबी मंच के बैनर तले और मंच के प्रधान सुखजीत सिंह सुखा, महासचिव देवी दयाल शर्मा के नेतृत्व में हुआ। धरना में शामिल लोगों ने चंडीगढ़ में पंजाबी भाषा को पहली और प्रशासकीय भाषा का दर्जा देने की मांग की। इस मांग को लेकर यूटी प्रशासन और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। वक्ताओं में ने संबोधित करते हुए कहा कि पंजाब और हरियाणा के पुनर्गठन के समय तक यानि 1 नवंबर 1966 तक चंडीगढ़ के लोगों की पहली, प्रशासकीय और दफ्तरी कामकाज की भाषा पंजाबी थी। जैसे जैसे यहां पर बाहर के अधिकारी आते गए उन्होंने बिना किसी फैसले के साजिश के तहत पंजाबी को बदलकर यहां के लोगों पर अंग्रेजी भाषा थोप दी।
वक्ताओं ने कहा कि चंडीगढ़ पंजाबी मंच के झंडा के नीचे कई संघर्ष हुए हैं। कई धरना, भूख हड़ताल और गिरफ्तारियां दी गई हैं, लेकिन यूटी प्रशासन ने हमारी बात नहीं सुनी। वादा करने के बाद भी न चंडीगढ़ प्रशासन और न ही केंद्रीय नेताओं ने कोई ध्यान दिया। चंडीगढ़ पंजाबी मंच ने स्पष्ट किया कि मंच किसी भी भाषा के खिलाफ नहीं है। सभी को अधिक से अधिक भाषाएं सीखनी चाहिए और ज्ञान प्राप्त करना चाहिए। लेकिन मां बोली पंजाबी भाषा की कीमत पर कोई भी भाषा स्वीकार नहीं है। वक्ताओं ने चेतावनी दी कि पूरे देश के किसी भी प्रांत में दफ्तर की भाषा अंग्रेजी नहीं है और न ही किसी केंद्र शासित प्रदेश में है तो चंडीगढ़ में इसे क्यों लागू किया गया है। चंडीगढ़ के करीब 13 लाख लोगों की मातृभाषा अंग्रेजी नहीं है। मंच ने प्रण किया है कि पंजाबी भाषा का मुद्दा उनके जीवन, मान सम्मान, प्रतिष्ठा और भविष्य से जुड़ा हुआ है, इसलिए उनका फैसला है कि आने वाले समय में संघर्ष और तीखा होगा। प्रशासन को मजबूर किया जाएगा कि वह पंजाबी भाषा को पहली भाषा का दर्जा दे। मंच का संचालन शरणजीत सिंह रायपुरकलां ने किया। आए सभी लोगों को मंच के प्रधान सुखजीत सिंह ने धन्यवाद किया।
धरना को सुखजीत सिंह सुखा, बाबा गुरदियाल सिंह, बाबा साधु सिंह सारंगपुर, देवी दयाल शर्मा, श्रीराम अर्स, बंत बराड़, दीपक शर्मा चनारथल, बलकार सिद्धू, कुलबीर सैनी, गुरनाम कंवर, सेवी रायत, तारा सिंह, सुरजीत धीर, हरदीप सिंह बुटेरला, शरणजीत सिंह, गुरप्रीत सिंह सोमल, जोगा सिंह, भूपिंदर सिंह, पेंडू संघर्ष कमेटी के प्रधान नंबरदार दलजीत सिंह पलसौरा, करम सिंह वकील, राज कुमार, सतनाम सिंह टंडा, मनजीत इंद्रा, बीकेयू टिकैत से रविंदर विर्दी सहित अन्य नेताओं ने संबोधित किया।