केंद्र सरकार की ओर से आईडीबीआई में सरकारी हिस्सेदारी 51.1 फीसदी से कम कर उसका निजीकरण करने के फैसले के विरोध में सोमवार से बैंक के सभी अधिकारी और कर्मचारी देशव्यापी आंदोलन के तहत चार दिवसीय हड़ताल पर चले गए।
इस कारण ट्राइसिटी में बैंक की सभी 14 शाखाएं बंद रहीं। इस दौरान किसी भी ब्रांच में कोई काम नहीं हुआ। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं बैंक कर्मियों ने सेक्टर-17 में प्रदर्शन किया और केंद्र सरकार के विरोध में नारे लगाए।
यूनाइटेड फोरम ऑफ आईडीबीआई यूनियन के बैनर तले बैंक की ट्राइसिटी में मौजूद सभी शाखाओं में कार्यरत अधिकारी और कर्मचारी सेक्टर-17 स्थित पोस्ट आफिस के पास इकट्ठे हुए। बैंक प्रबंधन के हाईकोर्ट से शाखाओं के 500 मीटर में प्रदर्शन न करने के आदेश लेने के कारण सभी प्रदर्शनकारी बैंक से दूर एकत्र हुए। यहां उन्होंने केंद्र सरकार के बैंक की हिस्सेदारी बेच इसे निजी हाथों में देने के फैसले का विरोध किया। सभी कर्मचारियों ने सरकार विरोधी नारे लगाए और सरकार को यह फैसला वापस लेने को कहा।
यूनियन के प्रेसिडेंट आशुतोष गौड़ ने बताया कि मंगलवार को सभी बैंक कर्मचारी पंचकूला के सेक्टर-11 में प्रदर्शन करेंगे। इसके बाद बुधवार को मोहाली में प्रदर्शन किया जाएगा और 31 मार्च को ट्राइसिटी में मौजूद आईडीबीआई की सभी शाखाओं के कर्मी सेक्टर-17 में प्रदर्शन करेंगे।