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Haryana: थाली में प्रोटीन घटा, वसा की मात्रा बढ़ी; खान-पान की संस्कृति में आया बदलाव, पढ़ें ये रिपोर्ट

Wed, 16 Jul 2025 08:39 AM IST
नवीन दलाल आशीष वर्मा, चंडीगढ़

सार

हरियाणा में लोगों के प्रोटीन के सेवन में गिरावट आई है। इसके उलट वसा की मात्रा बढ़ गई। रिपोर्ट में बताया गया है कि हरियाणा के लोगों में प्रोटीन का मुख्य स्रोत अनाज और दूध है, इन से सब से लोगों ने दूरी बना ली है।
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प्रोटीन - फोटो : Adobe Stock
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विस्तार
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हरियाणा के लोगों का भोजन अब संतुलित नहीं रहा। एक दशक में खाने की थाली में प्रोटीन की मात्रा घट गई है, जबकि शरीर को नुकसान पहुंचाने वाले वसा के सेवन में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। केंद्र सरकार के सांख्यिकी कार्यालय की ओर से जारी भारत में पौष्टिक अंतर्ग्रहण के मुताबिक साल 2011 में ग्रामीण क्षेत्र के आहार में प्रति व्यक्ति औसतन 72.8 ग्राम प्रोटीन शामिल था, जो 2023 में घटकर 66.9 ग्राम पर पहुंच गई। ऐसा ही कुछ हाल शहरी क्षेत्र का है।

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प्रोटीन के सेवन में गिरावट तो आई है, मगर ग्रामीण क्षेत्र के मुकाबले कम। 2011 में शहर में प्रति व्यक्ति प्रोटीन का सेवन 68.6 ग्राम था, जो 2023 में गिरकर 66.5 ग्राम रह गया। वहीं, इसी समयावधि के दौरान देश में औसतन प्रोटीन की मात्रा बढ़ी है। ग्रामीण क्षेत्र में 60.7 ग्राम से 61.8 ग्राम और शहरी क्षेत्र में 60.3 ग्राम से 63.4 ग्राम दर्ज किया गया है।

इसके उलट वसा की मात्रा बढ़ गई। यानी तली भुनी व फास्ट फूड का सेवन बढ़ गया। रिपोर्ट के मुताबिक साल 2011 में ग्रामीण क्षेत्र में प्रति व्यक्ति फैट सेवन की मात्रा 68.6 ग्राम था, जो 2023 में बढ़कर 82.2 ग्राम पहुंच गई। शहरी क्षेत्र में 2011 में प्रति व्यक्ति वसा की मात्रा 74.7 ग्राम से बढ़कर 83.8 ग्राम हो गई। हालांकि आहार में वसा की वृद्धि पूरे देश में हुई है। 2011 में ग्रामीण परिवेश का व्यक्ति प्रतिदिन औसतन 46.1 ग्राम वसा लेता था, जो 2023 में बढ़कर 60.4 ग्राम पहुंच गया। शहरी क्षेत्र में फैट की मात्रा 58 ग्राम से बढ़कर 69.8 ग्राम दर्ज किया गया है।
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हरियाणा में प्रोटीन का मुख्य स्रोत अनाज व दूध, अंडे व मीट से दूरी
रिपोर्ट में बताया गया है कि हरियाणा के लोगों में प्रोटीन का मुख्य स्रोत अनाज और दूध है। ग्रामीण परिवेश का व्यक्ति अनाज से 43 फीसदी, दालों से 7.1 फीसदी और दूध व उससे बने खाद्य पदार्थ से 26.8 फीसदी प्रोटीन लेता है। राज्य में शाकाहारी ज्यादा होने की वजह से लोग अंडे, मछली व मीट का सेवन कम करते हैं। इन खाद्य पदाथों से सिर्फ 2.9 फीसदी प्रोटीन लेते हैं। वहीं, शहरी इलाकों के लोग 37 फीसदी प्रोटीन अनाज से, दालों से 8.5 फीसदी, दूध से 23.7 फीसदी और अंडे व मीट से 5.5 फीसदी प्रोटीन लेते हैं।

हरियाणा में ऐसे बढ़ती गई कैलोरी की मात्रा (ग्रामीण क्षेत्र में)
2009 2310
2011 2441
2022 2189
2023 2367

शहरी क्षेत्र में
2009 2202
2011 2443
2022 2280
2023 2360

क्या कहते हैं विशेषज्ञ
हरियाणा में अब खान-पान की संस्कृति में बदलाव आ गया है। पश्चिमी फूड का कल्चर बढ़ गया है। जो शहरों में बीमारियां थी, वो अब ग्रामीण क्षेत्रों में घुस जाएगी। ये जो बदलाव आ रहा है, इससे मोटापा बढ़ेगा। मोटापा बढ़ने से डायबिटीज, हाइपरटेंशन, हृदय रोग और घुटने की समस्या बढ़ेगी। हरियाणा को जो कई साल से खाना-पीना चला आ रहा था, लोगों को वही फॉलो करना होगा। -डा. संजीव भाटिया, डायबिटिक एंड डायबिटिक फुट स्पेशलिस्ट चंडीगढ़।

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