किडनी खराब तो जीवन बर्बाद। मौजूदा समय में डायबिटीज और हाइपरटेंशन के केस भी काफी तेजी से बढ़ रहे हैं। नेफ्रोलॉजी के हेड डॉ. केएल गुप्ता ने बताया कि किडनी खराब होने के पीछे इन दोनों रोगों का सबसे अहम रोल है।
यदि इन दोनों बीमारियों को काबू कर लिया जाए तो किडनी इंफेक्शन को काफी हद तक रोका जा सकता है। पीजीआई की ओर से मरीजों को जागरूक करने के लिए कुछ ऐसी जानकारियां मुहैया करवाई जा रही हैं, जिनका ध्यान रखने से काफी हद तक किडनी का बचाव किया जा सकता है।
किडनी बचाने के 8 उपाय
- रोज 8 से 10 गिलास पानी पीएं।
- फल और हरी सब्जियां ज्यादा खाएं।
- अंगूर खाएं, क्योंकि ये किडनी से फालतू यूरिक एसिड निकालते हैं।
- मैग्नीशियम किडनी को सही काम करने में मदद करता है, इसलिए ज्यादा मैग्नीशियम वाली चीजें जैसे गहरे रंग की सब्जियां खाएं।
- खाने में नमक, सोडियम और प्रोटीन की मात्रा घटा दें।
- 35 साल के बाद साल में कम-से-कम एक बार ब्लड प्रेशर और शुगर की जांच जरूर कराएं।
- ब्लड प्रेशर या डायबिटीज के लक्षण मिलने पर हर छह महीने में पेशाब और खून की जांच कराएं।
- न्यूट्रिशन से भरपूर खाना, रेग्युलर एक्सरसाइज और वजन कंट्रोल रखने से भी किडनी की बीमारी को कंट्रोल किया जा सकता है।
ये हैं शुरुआती लक्षण
1.पैरों और आंखों के नीचे सूजन
2.चलने पर जल्दी थकान और सांस फूलना
3.रात में बार-बार पेशाब के लिए उठना
4.भूख न लगना और हाजमा ठीक न रहना
5. खून की कमी से शरीर पीला पड़ना