अगर आप अकेले हैं तो कहीं भी जाने के लिए आपको कार या फिर टैक्सी रेंट पर लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी। क्योंकि आने वाले समय में बाइक टैक्सी सर्विस शुरू होने वाली है। इसके लिए ओला और उबर कंपनियों ने नए सिरे से स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (एसटीए) में आवेदन किया है। प्रशासन स्तर पर भी सिटी में बाइक टैक्सी सर्विस शुरू करवाने की कवायद तेजी से चल रही है।
हालांकि छह माह पूर्व भी बाइक टैक्सी चलाने की कोशिश हुई थी लेकिन विभागीय लापरवाही के चलते इस पर ब्रेक लग गया था। सिटी ब्यूटीफुल में यातायात को बेहतर बनाने के लिए बाइक टैक्सी सर्विस के संचालन को लेकर कवायद तेज हो गई है। इस संदर्भ में यूटी प्रशासन के ट्रांसपोर्ट सेक्रेटरी डॉ. अजय कुमार सिंगला ने बताया कि सिटी में ट्रैफिक के बढ़ते दबाव को देखते हुए बाइक टैक्सी सर्विस लोगों के लिए सबसे बेहतर विकल्प है।
इससे जहां आम लोगों को गंतव्य तक पहुंचने के लिए पैसा कम चुकाना पड़ेगा। वहीं बाइक टैक्सी से जाने पर समय की भी बचत होगी। तमाम विभागीय प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद यूटी प्रशासन फाइल को अप्रूवल के लिए प्रशासक वीपी सिंह बदनौर के पास भेजेगा। इस पूरी प्रक्रिया में अभी तकरीबन तीन माह का समय लग जाएगा।
यहां हो रहा है बाइक टैक्सी का संचालन
अभी ट्राई सिटी के मोहाली और पंचकूला में बाइक टैक्सी का संचालन हो रहा है। इसके चलते चंडीगढ़ में इसे चलाने में कोई खास दिक्कत नहीं आएगी। इसके अलावा पंजाब, गोवा, गुरुग्राम में बाइक टैक्सी किराए पर बाइक राइड करने को मिल रही है।
प्रपोजल को दिया जा रहा है अंतिम रूप
बाइक टैक्सी
यूटी प्रशासन के निर्देश पर एसटीए ने पॉलिसी बाइक टैक्सी सर्विस की पॉलिसी तैयार कर ली है। एसटीए ने रेंट मोटरसाइकिल स्कीम 1997 के तहत बाइक टैक्सी सर्विस पॉलिसी बनाई है। इसी पॉलिसी के तहत ओला और उबर कंपनियों ने एसटीए को बाइक टैक्सी सर्विस के लिए प्रपोजल भेजा है। जिसे अंतिम रूप दिया जा रहा है।
पांच साल के लिए मिलेगा लाइसेंस
रेंट मोटर साइकिल स्कीम 1997 के तहत शहर के अलग अलग जगहों पर बाइक टैक्सी प्वाइंट बनाए जाएंगे। यहीं से लोग बाइक को किराए पर ले सकेंगे। एसटीए द्वारा बनाई गई बाइक टैक्सी सर्विस पॉलिसी के तहत सर्विस प्रोवाइडर को पांच साल के लिए लाइसेंस दिया जाएगा। हर पांच साल बाद सर्विस प्रोवाइडर को लाइसेंस रिन्यू कराने के लिए आवेदन करना होगा। स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (आरएलए) बाइक टैक्सी सर्विस के लिए सर्विस प्रोवाइडर को लाइसेंस देगा।
इन नियमों का करना होगा पालन
bike taxi
- चालकों का होगा पुलिस वेरिफिकेशन
- चालक के पास होंगक बाइक के कागजात
- बाइक पर मिलेगी शिकायत बुक
- यूनिफार्म में होंगे बाइक चालक
- वर्दी पर लगानी होगी नेम प्लेट
ऐसे में लाइसेंस होगा निरस्त
- उपभोक्ता से धोखाधड़ी या अनुशासनहीनता
- सर्विस प्रोवाइडर द्वारा रिकार्ड न रखने
- तय रेट से ज्यादा रेंट वसूलने
- पुलिस वेरिफिकेशन नहीं होने पर