सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों का कारोबार आसान बनाने के उद्देश्य से पंजाब मंत्रिमंडल ने विधानसभा के आगामी दो-दिवसीय विशेष सत्र में ‘पंजाब राइट टू बिजनेस एक्ट-2020’ (पंजाब व्यापार का अधिकार एक्ट-2020) लाने को हरी झंडी दे दी है। इस एक्ट का उद्देश्य नये सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों की स्थापना करना और चलाने के लिए स्व-घोषणा के उपबंध के अलावा विभिन्न मंजूरियों और पड़तालों से छूट देकर इन नई इकाइयों पर रेगुलेटरी का बोझ घटाना है। इस एक्ट से राज्य में एमएसएमई की स्थापना से पहले रेगुलेटरी मंजूरियों की थकाने वाली प्रक्रिया से बड़ी राहत मिलेगी।
इस एक्ट से विभिन्न रेगुलेटरी सेवाएं इसके घेरे में आ जाएंगी, जिनमें पंजाब म्युंसिपल एक्ट-1911 और पंजाब म्यूंसिपल कोर्पोरेशन एक्ट-1976 के अंतर्गत इमारत योजना और नये व्यापार लाइसेंस का मुकम्मल और कब्जी सर्टिफिकेट जारी करना, पंजाब रीजनल एंड टाऊन प्लानिंग एंड डेवलपमेंट एक्ट-1995 के अंतर्गत इमारत योजना और चेंज ऑफ लैंड का प्रयोग, पंजाब फायर प्रीवेंशन और फायर सेफ्टी एक्ट-2004 के अंतर्गत अनापत्ति सर्टिफिकेट, पंजाब फैक्ट्री रूल्स -1952 के अंतर्गत फैक्ट्री बिल्डिंग प्लान और फैक्ट्री लाइइसेंस और पंजाब शॉप्ज एंड कमर्शियल एस्टेबलिशमेंट एक्ट-1958 के अंतर्गत दुकानों की रजिस्ट्रेशन या स्थापना शामिल है।
इस एक्ट में प्रत्येक जिले में डिप्टी कमिशनर, जोकि मुख्य कार्यकारी अधिकारी होंगे, की अध्यक्षता में एक ज़िला ब्यूरो ऑफ एंटरप्राईज़ेज होगा, जिसमें मुख्य कार्यकारी अधिकारी होंगे और अन्य सदस्य समय-समय पर सरकार द्वारा नोटिफाई किये जाएंगे। ज़िला ब्यूरो ऑफ इंटरप्राइज को जिला स्तरीय नोडल एजेंसी का दर्जा दिया जायेगा जोकि राज्य सरकार और राज्य नोडल एजेंसी की समूची निगरानी, दिशा और नियंत्रण अधीन काम करेगा। इस एक्ट के अधीन जिला स्तरीय नोडल एजेंसी राज्य में एमएसएमई उद्योगों को सहायता और सुविधा, ‘डैकलरेशन ऑफ इंटैंट’ का रिकॉर्ड कायम और ‘सैद्धांतिक मंजूरी का सर्टिफिकेट’ देगा।