प्रॉपर्टी में होने वाली हेरा-फेरी से अब छुटकारा मिलने वाला है। आपकी प्रॉपर्टी को कोई भी धोखाधड़ी कर हथिया नहीं सकेगा। चंडीगढ़ में प्रॉपर्टी रिकॉर्ड को आधार कार्ड से जोड़ा जाएगा।
इसके लिए प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। हरियाणा का जींद जिला प्रॉपर्टी रिकॉर्ड को आधार से लिंक करने वाला देश का पहला जिला बन चुका है।
डीसी अजीत बालाजी जोशी केनेतृत्व में जींद ने यह कीर्तिमान देश केइतिहास में हासिल किया। अब बालाजी चंडीगढ़ में भी यह प्रक्रिया शुरू कराने वाले हैं। चंडीगढ़ ही नहीं बल्कि पूरे देश में उनकेइस उदाहरण को सराहा जा रहा है और उसे एडॉप्ट करने पर काम शुरू हो गया है।
इसको शुरू करने को लेकर बालाजी बुधवार को दिल्ली में आयोजित एक बैठक में शामिल हुए। जिसमें उन्होंने एक प्रजेंटेशन के जरिए इस मॉडल प्रोजेक्ट को समझाया। चंडीगढ़ में साथ लगते गांवों के किसानों का रिकार्ड आधार से जोड़ने से इसकी शुरुआत होगी।
जरूरी दस्तावेज जांच करने के बाद प्रत्येक किसान की प्रॉपर्टी को आधार से लिंक किया जाएगा। गांवों में जिन किसानों की मृत्यु हो गई है या भूमि उनके वारिसों के नाम स्थानांतरित हो गई है।
ऐसे रिकार्ड को भी जल्द ही आधार नंबर से जोड़ा जाएगा। इसके लिए डोर टु डोर सर्वे कर प्रॉपर्टी रिकॉर्ड जुटाया जाएगा। एसडीएम को अपने-अपने एरिया में यह जिम्मेदारी दी जाएगी।
एस्टेट ऑफिस में हजारों हैं प्रापर्टी विवाद
एस्टेट ऑफिस में हजारों ऐसे मामले हैं जो प्रापर्टी विवाद से संबंधित हैं। इतने ही कोर्ट में भी विचाराधीन हैं। सालों से इनकी सुनवाई चल रही है। आधार लिंक होने केबाद इस तरह केविवाद कम होंगे।
ऐसे होगा फायदा
प्रापर्टी रिकार्ड को आधार नंबर से जोड़े जाने के बाद शहरवासियों को सीधा फायदा होगा। इससे कोई व्यक्ति धोखाधड़ी कर रजिस्ट्री नहीं करवा सकेगा। किसी भी व्यक्ति के फिंगरप्रिंट और आंखों की पुतलियां दूसरे से कभी मेल नहीं खातीं। जिस कारण धोखाधड़ी तुरंत पकड़ी जा सकेगी।
जींद में सबसे पहले रिकॉर्ड आधार से लिंक हुआ है। दिल्ली में इसको लेकर प्रजेंटेशन दी है। चंडीगढ़ में भी इसकी संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। आधार लिंक होने केबाद रिकॉर्ड से छेड़छाड़ नहीं हो सकेगी।
- अजीत बालाजी जोशी, डीसी, चंडीगढ़