दरअसल, पंजाब शिक्षा विभाग ने साल में दो बार टीचरों के प्रमोशन का फैसला किया है। अब डिपार्टमेंटल प्रमोशन कमेटी की बैठक साल में दो बार होगी, जिससे प्रमोशन के योग्य टीचर समय पर प्रमोट होंगे।
शिक्षा मंत्री अरुणा चौधरी ने बताया कि सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह के निर्देश पर विभाग में कई अहम फैसले लिए जा रहे हैं, जिनका मकसद विभाग का कामकाज सरल बनाना, गुणात्मक शिक्षा के लक्ष्यों को हासिल करना है। इस फैसले का मकसद टीचरों द्वारा बार-बार प्रमोशन केलिए अपने केस भेजने की प्रथा और टीचरों केप्रमोशन में अस्थिरता खत्म करना है। अब विभाग साल में दो बार डीपीसी करेगा।
संबंधित अधिकारी अपने अधिकार क्षेत्र के टीचरों का रिकॉर्ड मेंटेन करेंगे। आने वाले छह माह में होने वाली रिक्तियों को देखते हुए प्रमोशन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह भी देखा गया है कि टीचरों की सीनियॉरिटी लिस्ट से जुड़े मसले लटकते रहते हैं। अब हर डीपीसी के पहले सीनियॉरिटी लिस्ट को अपडेट किया जाएगा। संबंधित अधिकारी सीनियॉरिटी लिस्ट को अपडेट करेगा। इससे सीनियॉरिटी संबंधित मामलों का भी स्थायी हल हो जाएगा।