छात्रों ने पीयू प्रशासन की हेल्पलाइन से लेकर कई अधिकारियों के पास फोन कर दिए लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। उसके बाद कुछ छात्रों ने शाम को इस परीक्षा कार्यक्रम को सोशल साइट पीयू पल्स पर सार्वजनिक कर दिया। इस सोशल साइट से हजारों छात्र जुड़े हुए हैं। उसके बाद अन्य छात्रों को भी यह बात पता चल गई। छात्र दिनभर इसको लेकर परेशान रहे।
अधिकारियों के बीच से निकलकर आई थी तिथि
सूत्रों का कहना है कि पीयू प्रशासन के अधिकारियों के बीच से ही यह तिथि निकलकर आई थी। इस तिथि को परीक्षा भी हो सकती है। छात्रों ने भी कह दिया कि इस तिथि को वह परीक्षा देने को तैयार नहीं हैं, क्योंकि पीयू को परीक्षा के लिए छात्रों को 20 दिन से अधिक समय देना होगा ताकि वह अपनी बची तैयारी पूरी कर लें।
डीपीआर बोलीं- सोशल मीडिया के जरिये लिखा संदेश फर्जी
पीयू डीपीआर रेनुका बी सलवान ने बताया कि यह जो संदेश सोशल मीडिया के जरिये लिखा गया है यह फर्जी है। पीयू की ओर से ऐसा संदेश अभी नहीं दिया गया। वहीं दूसरी ओर सूत्रों का कहना है कि परीक्षा को लेकर गुरुवार को बैठक हुई है। इसमें पीयू प्रशासन ने कई निर्णय लेकर प्रस्ताव वीसी प्रो. राजकुमार के पास भेजा है। यह भी हो सकता है कि पीयू 17 सितंबर को ही परीक्षा करवाने जा रहा हो। हालांकि पीयू ने कहा है कि परीक्षा कार्यक्रम तय होते ही छात्रों को सूचना दी जाएगी। यही बात परीक्षा नियंत्रक कार्यालय की ओर से कही गई है।
सोशल साइट पर परीक्षा तिथि की घोषणा करने वालों पर हो सकती है कार्रवाई
पंजाब यूनिवर्सिटी उन छात्रों पर कार्रवाई करने की योजना बना रहा है जिन्होंने सोशल साइट पर परीक्षा कार्यक्रम की तिथि दर्शाई है। पीयू का कहना है कि इस गलत सूचना के कारण छात्रों में हड़कंप मच गया। कुछ छात्रों को इससे धक्का लगा है। इसको लेकर कई गलत परिणाम भी सामने आ सकते थे। यह तरीका छात्रों का सही नहीं था। इसलिए सोशल साइट पर जानकारी डालने वालों पर कार्रवाई हो सकती है।
पीयू ने फाइनल ईयर की परीक्षाओं को लेकर गुरुवार को कोई कार्यक्रम घोषित नहीं किया है। जब पीयू की तैयारी पूरी हो जाएगी तो छात्रों को इसके बारे में जानकारी दी जाएगी। -प्रो. आरके सिंगला, डीयूआई