उनके शोध योगदान को विशेष रूप से कॉमनवेल्थ फेलोशिप (2003-2004), इंडियन केमिकल सोसाइटी द्वारा डॉ बासुदेव बनर्जी मेमोरियल अवार्ड (2014) और भारतीय विज्ञान कांग्रेस द्वारा प्रो एसएस कटियार एंडॉमेंट अवार्ड (2015) के रूप में मान्यता मिल चुकी है।
महिला अध्ययन अनुसंधान केंद्र की निदेशक के रूप में वह सक्रिय रूप से क्षमता निर्माण कार्यक्रमों, लिंग संवेदीकरण को बढ़ावा देने और विशेष रूप से ग्रामीण महिलाओं के बीच कौशल विकास की दिशा में निरंतर कार्य कर रही हैं।
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ कैलाश चंद्र शर्मा ने डॉ अग्रवाल को उनकी नियुक्ति पर बधाई देते हुए कामना की है कि उनके नेतृत्व में राष्ट्रीय विज्ञान प्रौद्योगिकी एवं विकास अध्ययन संस्थान नए आयाम स्थापित करेगा। उन्होंने कहा कि यह कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के लिए गौरव का क्षण है।
इससे पहले सीएसआईआर की पहली महिला निदेशक डॉ लक्ष्मीकांतम भी कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की पूर्व छात्रा थीं। संयोग से, दोनों महिला वैज्ञानिकों ने इस विश्वविद्यालय के रसायन विज्ञान विभाग से पीएचडी की डिग्री प्राप्त की है।