वर्ष 2018-19 में बढ़े थे मामूली रेट
चंडीगढ़ में वर्ष 2018-19 के लिए बिजली के मामूली रेट बढ़ाए गए थे। डोमेस्टिक कंज्यूमर को प्रति यूनिट 20 पैसे और कॉमर्शियल कंज्यूमर को प्रति यूनिट 15 पैसे एक अप्रैल से ज्यादा देने पड़ रहे हैं। पूरे बिल पर 5 फीसदी रेगुलेटरी सरचार्ज अलग से लग रहा है। यानी अगर 2000 रुपये का बिल आता है तो उस पर 100 रुपये रेगुलेटरी सरचार्ज देना पड़ रहा है।
यह सरचार्ज डोमेस्टिक, कॉमर्शियल और इंडस्ट्री पर लागू है। हालांकि, इंडस्ट्री की बिजली दरों में कमी की गई है। ध्यान रहे कि बिजली विभाग के आंकड़ों के मुताबिक चंडीगढ़ में 2.12 लाख उपभोक्ता हैं। इसमें डोमेस्टिक कैटेगरी में 1.75 लाख आते हैं और इसमें 94 फीसदी रेगुलर बिल का भुगतान करते हैं।
3 साल तक नहीं हुई थी बढ़ोतरी
अप्रैल 2016-17 से पहले 2012-13 में कमीशन ने 14 प्रतिशत तक बिजली का टैरिफ बढ़ा दिया था लेकिन उसके बाद जेईआरसी ने साफतौर पर कह दिया कि जब तक विभाग कामर्शियल ऑडिट नहीं करवाता, तब तक टैरिफ नहीं बढ़ाया जा सकता। बिजली विभाग के सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर राजेंद्र सिंह के अनुसार जेईआरसी ने मई 2016 में मल्टी ईयर टैरिफ अप्रूव कर दिया था।
तब टैरिफ 17.78 फीसदी बढ़ाने की सिफारिश की थी। इसके बाद भी बिजली विभाग का पिछले साल का घाटा 268 करोड़ रुपये पहुंच गया था। बिजली विभाग ने 2017 में जेईआरसी के समक्ष पिटीशन दायर की थी, लेकिन जेईआरसी ने टैरिफ नहीं बढ़ाया था।
जेईआरसी की ओर से हर साल टैरिफ रिवाइज किया जाता है। वहीं, मल्टी ईयर टैरिफ सिस्टम (एमवाईटी) के माध्यम से बिजली के दामों की बढ़ोतरी तीन साल में की जाती है। बीते साल में हर साल 20 से 25 फीसदी तक बिजली के दाम बढ़ाए जाते रहें हैं लेकिन इस बार बिजली विभाग को अधिक नुकसान नहीं हुआ है, जिसके चलते मल्टी ईयर टैरिफ सिस्टम के अंतर्गत बिजली के दामों को नहीं बढ़ाया गया है।
चंडीगढ़ में बिजली के रेट
कंज्यूमर्स स्लैब टैरिफ
कॉमर्शियल 0-151 5.00 रुपये
151-400 5.30 रुपये
400 से अधिक 5.60 रुपये
डोमेस्टिक 0-151 2.75 रुपये
151-400 4.80 रुपये
400 से अधिक 5.20 रुपये