डॉ. विकास ने बताया कि ऐसे मरीजों को यह ध्यान रखना जरूरी है कि लक्षण दिखते ही इलाज शुरू करें। इंतजार करने पर गंजापन हो सकता है। पोस्ट कोविड के ऐसे मरीजों में बालों को झड़ने से रोकने के लिए दवा और हेयर सॉल्यूशन के साथ ही प्लेटलेट्स रिच प्लाज्मा थैरेपी दी जाती है। इसमें मरीज के होल ब्लड से प्लाज्मा और प्लेटलेट्स को अलग करके इंजेक्शन के जरिए मरीज के शरीर में डाला जाता है। ये बालों की जड़ों को मजबूती और विकास प्रदान करते हैं।
पोस्ट कोविड क्लीनिक में बढ़े मरीज
जीएमएसएच- 16 के त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. मंजीत पाल ने बताया कि कोरोना के ठीक हो चुके मरीजों में बालों के झड़ने की समस्या दो से ढाई महीने बाद सामने आ रही है। जीएमएसएच- 16 के पोस्ट कोविड क्लीनिक में प्रतिदिन ऐसे आठ से दस मरीज आ रहे हैं। यही हाल जीएमसीएच 32 केपोस्ट कोविड क्लीनिक में भी है।
जीएमएसएस 16 के ईएनटी विभाग के पूर्व एचओडी व हेयर ट्रांसप्लांट एक्सपर्ट डॉ. राजेश धीर का कहना है कि पोस्ट कोविड के मरीजों में गंजेपन की शिकायत से हेयर ट्रांसप्लांट की ओर झुकाव तेजी से बढ़ा है। प्रक्रिया जटिल और लंबी होने के बावजूद लोग ट्रांसप्लांट कराने के लिए आगे आ रहे हैं।
बालों को इससे मिलेगी मजबूती
- योग और व्यायाम करें।
- फास्ट और जंक फूड के बजाय हरी सब्जियों व फलों का सेवन ज्यादा करें।
- हाई प्रोटीन वाले खाद्य पदार्थ की मात्रा बढ़ाएं।
- तनाव न लें और 7 से आठ घंटे की नियमित नींद लें।