फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कोरोना का दुष्प्रभाव: पोस्ट कोविड मरीजों के तेजी से झड़ रहे बाल, उपाय न किया तो हो सकते हैं गंजेपन का शिकार

Thu, 15 Jul 2021 09:35 AM IST
निवेदिता वर्मा वीणा तिवारी, अमर उजाला, चंडीगढ़ 

सार

पोस्ट कोविड के ऐसे मरीजों में बालों को झड़ने से रोकने के लिए दवा और हेयर सॉल्यूशन के साथ ही प्लेटलेट्स रिच प्लाज्मा थैरेपी दी जाती है। इसमें मरीज के होल ब्लड से प्लाज्मा और प्लेटलेट्स को अलग करके इंजेक्शन के जरिए मरीज के  शरीर में डाला जाता है। 
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कोरोना के मरीजों में संक्रमण ठीक होने के बाद भी शरीर के अलग-अलग अंगों पर दुष्प्रभाव सामने आ रहे हैं। अब पोस्ट कोविड के मरीजों में एक्यूट टेलोजेन ए लुवियम यानी बालों के झड़ने की समस्या तेजी से बढ़ रही है। ये समस्या इतनी तीव्र है कि अगर समय रहते इलाज शुरू न किया गया तो गंजापन हो सकता है। दूसरी लहर के बाद पोस्ट कोविड के मरीजों में इसकी शिकायत इतनी ज्यादा है कि पोस्ट कोविड क्लीनिक में प्रतिदिन इसके 15 से 20 मामले आ रहे हैं। वहीं निजी क्लीनिक में ऐसे मरीजों का अनुपात 100 और 60 का है।

विज्ञापन


बालों की कमजोरी के लिए ये हैं जिम्मेदार
इंडियन एसोसिएशन ऑफ डर्मोटॉलजिस्ट के सदस्य व नेशनल स्किन हॉस्पिटल पंचकूला के त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. विकास शर्मा का कहना है कि आम दिनों में भी बाल झड़ने की शिकायत के मरीज आते थे, लेकिन महामारी के कारण उसका ट्रेंड बदल गया है। संक्रमित मरीज ठीक होने के दो से ढाई महीने बाद इसकी शिकायत लेकर आ रहा है। यह समस्या इतनी तेजी से बढ़ रही है कि समाधान समय पर न होने से बाल बचाना असंभव हो रहा है।

आमतौर पर टाइफाइड के मरीजों में इस तरह के लक्षण सामने आते थे। अब पोस्ट कोविड के केस में देखा जा रहा है कि बालों को मजबूती देने वाले तत्व अन्य अंगों में जा रहे हैं जिससे बाल कमजोर होकर टूट रहे हैं। यह महिला और पुरुषों में एक समान है। वहीं कोविड के कारण अनिद्रा, तनाव, कमजोरी, पौष्टिक तत्वों की कमी और दवाओं के दुष्प्रभाव के परिणामस्वरूप भी यह परेशानी बढ़ी है।

विज्ञापन

दवा के साथ थैरेपी से हो रहा इलाज

डॉ. विकास ने बताया कि ऐसे मरीजों को यह ध्यान रखना जरूरी है कि लक्षण दिखते ही इलाज शुरू करें। इंतजार करने पर गंजापन हो सकता है। पोस्ट कोविड के ऐसे मरीजों में बालों को झड़ने से रोकने के लिए दवा और हेयर सॉल्यूशन के साथ ही प्लेटलेट्स रिच प्लाज्मा थैरेपी दी जाती है। इसमें मरीज के होल ब्लड से प्लाज्मा और प्लेटलेट्स को अलग करके इंजेक्शन के जरिए मरीज के  शरीर में डाला जाता है। ये बालों की जड़ों को मजबूती और विकास प्रदान करते हैं।

पोस्ट कोविड क्लीनिक में बढ़े मरीज
जीएमएसएच- 16 के त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. मंजीत पाल ने बताया कि कोरोना के ठीक हो चुके मरीजों में बालों के झड़ने की समस्या दो से ढाई महीने बाद सामने आ रही है। जीएमएसएच- 16 के पोस्ट कोविड क्लीनिक में प्रतिदिन ऐसे आठ से दस मरीज आ रहे हैं। यही हाल जीएमसीएच 32 केपोस्ट कोविड क्लीनिक में भी है।
विज्ञापन

हेयर ट्रांसप्लांट की ओर बढ़ा रुझान

जीएमएसएस 16 के ईएनटी विभाग के पूर्व एचओडी व हेयर ट्रांसप्लांट एक्सपर्ट डॉ. राजेश धीर का कहना है कि पोस्ट कोविड के मरीजों में गंजेपन की शिकायत से हेयर ट्रांसप्लांट की ओर झुकाव तेजी से बढ़ा है। प्रक्रिया जटिल और लंबी होने के बावजूद लोग ट्रांसप्लांट कराने के लिए आगे आ रहे हैं।

बालों को इससे मिलेगी मजबूती
  • योग और व्यायाम करें।
  • फास्ट और जंक फूड के बजाय हरी सब्जियों व फलों का सेवन ज्यादा करें।
  • हाई प्रोटीन वाले खाद्य पदार्थ की मात्रा बढ़ाएं।
  • तनाव न लें और 7 से आठ घंटे की नियमित नींद लें। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें