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Chandigarh News: बिना तैयारी ईवी नीति लागू कर खड़ी की समस्या

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चंडीगढ़। फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स चंडीगढ़ के पदाधिकारियों ने भाजपा अध्यक्ष अरुण सूद के साथ ईवी पॉलिसी में अनिश्चितता पर बैठक की। फेडरेशन के पदाधिकारियों ने हैरानी जताई कि चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी योजना के तहत यूटी प्रशासन ने कार्बन न्यूट्रल सिटी बनाने के लिए शहर में इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) नीति लागू तो कर दी है, लेकिन बड़ा सवाल है कि इस योजना को लागू करने के लिए पर्याप्त आधारभूत ढांचा ही नहीं। इसके साथ प्रशासन ने बिना तैयारी किए जल्दबाजी में ईवी पॉलिसी लागू कर शहर वासियों के लिए समस्या खड़ी कर दी है। फेडरेशन के प्रधान रंजीव दहूजा ने प्रशासन के इस फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि शहर में अन्य राज्यों से पेट्रोल और डीजल के वाहन बदस्तूर आते रहे तो चंडीगढ़ कार्बन न्यूट्रल सिटी किस प्रकार हो पाएगी। उन्होंने कहा कि जब तक दिल्ली की तर्ज पर अन्य राज्यों से आने वाले वाहनों पर लगाम नहीं लगती, तब तक यह समस्या हल नहीं होगी। वैसे भी अभी शहर का इंफ्रास्ट्रक्चर इसके लिए तैयार नहीं है और पूरे देश में कहीं भी इस तर्ज पर ईवी पालिसी लागू नहीं हुई तो फिर चंडीगढ़ के साथ ऐसा सौतेला व्यवहार क्यों हो रहा है।
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उधर, भाजपा अध्यक्ष अरुण सूद ने कहा कि वह पहले ही इस मुद्दे को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और राज्यपाल के समक्ष रख चुके हैं। उम्मीद करते हैं कि ईवी के लिए उपयुक्त माहौल व इंफ्रास्ट्रक्चर बनने तक इस पॉलिसी को जल्द ही पुनर्गठित किया जाएगा, ताकि ऑटो डीलर व उन पर आश्रित 10 हजार परिवार प्रभावित न हों। अरुण सूद ने कहा कि वह जल्द ही प्रशासक से मिलकर इस ज्वलंत मुद्दे को सुलझाने का प्रयत्न करेंगे। बैठक में ऑटोमोबाइल फेडरेशन की ओर से रंजीव दहूजा, राम कुमार गर्ग, बलविंदर सिंह, नितिन गुप्ता व आशीष गुप्ता मौजूद रहे।
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फेडरेशन की मांग

-सभी श्रेणियों के वाहनों के पंजीकरण के लिए कैपिंग हटाई जाए
-प्रोत्साहन और सकारात्मक जागरूकता के माध्यम से ईवी को बढ़ावा दें, न कि एकतरफा मनाही और जबरदस्ती के तरीकों से
-ईवी पाॅलिसी में वाहनों के यदि कोई टारगेट हों तो वे सांकेतिक हों और राष्ट्रीय टारगेट के अनुरूप हों
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