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पुलिस में अब सिर्फ सीनियोरिटी बेस पर प्रमोशन

Sat, 16 May 2015 02:24 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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पुलिस में अब सीनियोरिटी बेस पर ही प्रमोशन मिलेगा। प्रशासक के एडवाइजर विजय कुमार देव ने प्रमोशन नियमों में जुड़े 5-25-75 के रेशियो को खत्म कर दिया है। साथ ही चंडीगढ़ पुलिस में कार्यरत कांस्टेबलों की प्रमोशन लिस्ट पर भी मुहर लगा दी है।
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पुलिस लाइन में शुक्रवार को आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए विजय कुमार देव ने जवानों को यह खुशखबरी दी। उन्होंने कहा कि जल्द ही सब इंस्पेक्टर और डीएसपी स्तर के अधिकारियों के प्रमोशन की लिस्ट भी जारी की जाएगी।

यूटी पुलिस के आईजी आरपी उपाध्याय ने बताया कि इंस्पेक्टरों का डीएसपी पद पर प्रमोशन का मामला प्रशासन स्तर पर लंबित है। पुलिस इसका प्रस्ताव बनाकर अगस्त 2014 में ही भेज चुकी थी। डिपार्टमेंटल प्रमोशन कमेटी के चेयरमैन एडवाइजर हैं। इसलिए अंतिम फैसला उन्हें ही लेना है। उन्होंने उम्मीद जताई कि एडवाइजर जल्द ही अफसरों की प्रमोशन लिस्ट पर भी जल्द ही मुहर लगाएंगे।
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अफसरों को पढ़ाया ईमानदारी का पाठ
जब तक पुलिस अफसर ईमानदार नहीं होंगे तब तक सिटीजन को न्याय नहीं मिल सकता। सिटीजन को न्याय मिले इसके लिए हमें शपथ लेनी होगी। हमें बिना किसी पक्षपात व दबाव के अपने कार्य को ईमानदारी से करना होगा। ये बातें प्रशासक के सलाहकार विजय कुमार देव ने कहीं। उन्होंने कहा कि जब हम अपनी जिम्मेदारी को अच्छी तरह निभाएंगे तो हमारी सभी मांगों को प्रशासन पूरा करने को मजबूर हो जाएगा।

सुधारनी होगी छवि
सलाहकार विजय देव ने कहा कि पुलिस को अपनी छवि सुधारनी होगी। शहरवासियों में बनी इसी छवि को साफ करना होगा कि पुलिस की टीम गश्त निजी स्वार्थ पूर्ति के लिए करती है। उन्होंने कहा कि मैं शहरवासियों की पीड़ा को जानने पब्लिक के बीच जाता हूं। इस दौरान कई शिकायतें पुलिस प्रशासन के खिलाफ मिलती हैं। हमें ऐसा काम करना होगा कि हम नंबर वन बनें।

मनचले करते हैं परेशान
पुलिस प्रशासन को आड़े हाथों लेते हुए विजय देव ने कहा कि अभी शहर की मार्केट से दिन में भी बेटियां और माताएं गुजरने से कतराती हैं। क्योंकि मार्केट में बैठे मनचले उन्हें परेशान करते हैं। हमें अपनी ऐसी छवि बनानी होगी कि यदि मार्केट में एक भी कांस्टेबल खड़ा हो तो लोग कह सकें कि हम सुरक्षित हैं।

148 कांस्टेबलों का होगा प्रमोशन
यूटी पुलिस में कार्यरत 148 कांस्टेबलों की प्रमोशन लिस्ट लंबे समय लटकी हुई थी, लेकिन शुक्रवार को एडवाइजर की घोषणा से कांस्टेबलों में खुली की लहर दौड़ गई। आईजी आरपी उपाध्याय ने ही कई वर्षों की सेवा पूरी कर चुके कांस्टेबलों को सीनियरोटी बेस पर प्रमोशन की सिफारिश की थी। इससे पहले 2013 में 643 और 2014 में केवल पांच कांस्टेबलों को प्रमोशन मिला था।

पीसीआर में शामिल कारों की छत नीची
लग्जरी अर्टिका कारों में सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि इनकी छतें बहुत ही नीची हैं। जवानों के सिर छत को टच कर रहे हैं। ज्यादा देर बैठने से कमर में दर्द होने लगती है।

पुलिस लाइन में नए ब्लॉक का उद्घाटन
पुलिस लाइन में ही पीसीआर और एडमिन ब्लाक का निर्माण किया गया है। विजय कुमार देव ने इसका उद्घाटन किया। इस दौरान उनके साथ आईजी आरपी उपाध्याय, डीआईजी एएस चीमा और एसएसपी सुखचैन सिंह गिल समेत कई पुलिस अधिकारी मौजूद थे। उद्घाटन के बाद देव ने पूरे ब्लॉक का निरीक्षण भी किया।

पुलिस के लिए लांच होगी हाउसिंग स्कीम
प्रशासक के सलाहकार विजय कुमार देव ने कहा कि पुलिस मुलाजिमों के क्वार्टरों की हालत खस्ता है। इनकी हालत को जल्द सुधारा जाएगा। साथ ही पुलिस के लिए जल्द ही नई हाउसिंग स्कीम को लांच किया जाएगा।

अधिकारियों ने बताया कि जवानों के लिए धनास में भी हाउसिंग स्कीम के तहत मकान बनाए जा रहे हैं। यहां तीन-चार हजार क्वार्टरों का निर्माण चल रहा है और साल के अंत तक कार्य पूरा होने की उम्मीद है। इसके अलावा पीजीआई में आने वाले मरीजों के परिजनों को ठहरने में दिक्कत न हो, इसके लिए पीजीआई प्रबंधन के साथ मिलकर ठोस कदम उठाए जाएंगे।

13 अर्टिका कारें शामिल, जीपीएस से होंगी लैस
शहरवासियों की सुरक्षा को और पुख्ता करने के लिए शुक्रवार को पीसीआर टीम में 13 नई अर्टिका कारें शामिल की गईं। एडवाइजर विजय देव ने पुलिस लाइन से हरी झंडी दिखाकर इन्हें रवाना किया। आईजी आरपी उपाध्याय ने बताया कि ये कारें जीपीएस समेत अत्याधुनिक सिस्टम से लैस हैं। कंट्रोल रूम में कॉल आते ही कारों में लगे डिस्पले बोर्ड पर कॉल लोकेशन शो होगा।

ड्रग तस्करों की सूचना दें, 50 हजार पाएं
ड्रग तस्करों पर शिकंजा कसने के लिए शुक्रवार को पुलिस विभाग ने व्हाट्सएप नंबर 70872-39010 जारी किया है। एडवाइजर विजय कुमार देव ने इसका उद्घाटन करते हुए कहा कि इस नंबर के माध्यम से गुप्त सूचना दें।

यदि सूचना पुख्ता हुई तो उन्हें बिना किसी कागजी कार्रवाई के 50 हजार रुपये का इनाम दिया जाएगा और उनकी पहचान भी गुप्त रखी जाएगी। नशीला पदार्थ जितनी अधिक मात्रा में बरामद होगा, इनाम की राशि भी उतनी ज्यादा होगी। यह नंबर एक आईपीएस अधिकारी के पास ही रहेगा। वही इस पर कार्रवाई सुनिश्चित कराएंगे।
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