हरियाणा सरकार ने निजी स्कूलों में अध्ययनरत बच्चों के अभिभावकों को बड़ी राहत दी है। लॉकडाउन के दौरान निजी स्कूल अभिभावकों से मासिक तौर पर सिर्फ ट्यूशन फीस ही वसूल पाएंगे। शिक्षा निदेशालय ने स्कूलों को प्रवेश शुल्क, भवन व रखरखाव एवं कंप्यूटर शुल्क स्थगित करने के निर्देश दिए हैं। ट्यूशन फीस में कोई वृद्धि नहीं कि जा सकेगी। इसके साथ ही स्कूल मासिक शुल्क के साथ कोई हिडन चार्ज नहीं वसूल पाएंगे।
स्कूल शिक्षा विभाग ने अभिभावकों की शिकायतों के बाद सभी डीईओ व डीईईओ को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। अभिभावकों ने मासिक शुल्क के साथ अनेक तरह की वसूली करने की शिकायतें की हुई हैं। निजी स्कूल इस बार बच्चों की यूनिफॉर्म में भी बदलाव नहीं कर सकेंगे। इसके अलावा पाठ्यपुस्तकों, कार्य पुस्तकों, अभ्यास पुस्तकों व प्रैक्टिकल फाइल में भी बदलाब करने पर रोक रहेगी। अगर कोई अभिभावक फीस नहीं दे पाता है तो बच्चे का नाम स्कूल से नहीं काटा जाएगा। न ही ऑनलाइन शिक्षा देने पर रोक लगाई जाएगी।
शिक्षा निदेशालय ने साफ कर दिया है कि फॉर्म-6 में दी गई जानकारी से अधिक फीस व अन्य शुल्क स्कूल किसी सूरत में नहीं वसूल सकते हैं। कोरोना के दौरान निजी स्कूलों को समय-समय पर सरकार की तरफ से जारी दिशा निर्देश का पालन हर हाल में करना होगा। डीइओ, डीईईओ को निर्देश दिए जाते हैं कि नियमों का उल्लंघन करने वाले निजी स्कूलों के खिलाफ हरियाणा शिक्षा नियमावली 2003 के नियम 158 के तहत कार्रवाई कर निदेशालय को अवगत कराएं।