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पंजाब की तर्ज पर अब हरियाणा के निजी स्कूल भी अभिभावकों से वसूल सकेंगे पूरी फीस

Tue, 28 Jul 2020 02:44 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

  • पंजाब के स्कूलों के मामले में हाईकोर्ट का आदेश हरियाणा के स्कूलों में भी होगा लागू
  • राहत की आस लगाए हरियाणा के स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों के अभिभावकों को झटका
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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स्कूल फीस मामले में राहत की आस लगाए बैठे हरियाणा के निजी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों के अभिभावकों को बड़ा झटका लगा है। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने सोमवार को निजी स्कूलों को एडमिशन और ट्यूशन फीस वसूलने की इजाजत दे दी है। इनमें ऐसे स्कूल भी शामिल हैं, जिन्होंने लॉकडाउन में ऑनलाइन क्लास नहीं ली है। 

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इससे पहले पंजाब के निजी स्कूलों के मामले में हाईकोर्ट ने निजी स्कूलों को बड़ी राहत देते हुए उन्हें एडमिशन और ट्यूशन फीस वसूले जाने की इजाजत दी थी। हाईकोर्ट ने कहा था कि लॉकडाउन में चाहे किसी स्कूल ने ऑनलाइन क्लास की सुविधा दी है या नहीं सभी स्कूल इस दौरान की ट्यूशन फीस अभिभावकों से वसूल सकते हैं। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने सभी निजी स्कूलों को किसी भी किस्म की फीस बढ़ोतरी नहीं करने के आदेश दे दिए थे। हाईकोर्ट ने अपने फैसले में पंजाब सरकार के उस आदेश को सही करार दे दिया था। जिसके तहत सत्र 2020-21 में फीस बढ़ाए जाने पर रोक लगा दी थी।

लॉकडाउन में जिस सुविधा पर नहीं हुआ खर्च, उस चार्ज की नहीं की जा सकती वसूली
वार्षिक शुल्क, परिवहन चार्ज और बिल्डिंग चार्ज के संबंध में हाईकोर्ट ने निजी स्कूलों को आदेश दिया है कि वह यह तय करें कि लॉकडाउन के दौरान जितने समय स्कूल बंद रहे हैं, इनमें से इस दौरान जिस पर खर्च हुआ है वही जायज चार्ज वह वसूल सकते हैं। जिस सुविधा पर उनका कोई खर्च नहीं हुआ है, वह उस चार्ज की वसूली नहीं कर पाएंगे।

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लॉकडाउन से प्रभावित अभिभावकों को निजी स्कूल दें राहत

हाईकोर्ट ने अपने फैसले में साफ किया है कि जो अभिभावक फिलहाल लॉकडाउन के कारण खराब आर्थिक स्थिति में हैं और फीस नहीं दे सकते हैं। इस संबंध में हाईकोर्ट ने अभिभावकों को स्कूल में अर्जी दिए जाने का आदेश दिया है और निजी स्कूलों को कहा है कि अगर उनके पास ऐसी अर्जी आती है तो वे इस पर संवेदनशीलता से गौर कर निर्णय लें। चाहे तो फीस माफ की जा सकती है या बाद में ली जा सकती है। इसके बावजूद भी अगर स्कूल कुछ नहीं करते हैं तो अभिभावक रेगुलेटरी बॉडी के समक्ष अपनी मांग रख सकते हैं।

आर्थिक तंगी का सामना कर रहे निजी स्कूल, जिला शिक्षा अधिकारी को दे जानकारी
हाईकोर्ट ने आर्थिक संकट का सामना कर रहे निजी स्कूलों को भी राहत देते हुए कहा है कि वे अपनी वित्तीय स्थिति के बारे में संबंधित जिला शिक्षा अधिकारी के समक्ष अपनी वित्तीय स्थिति की जानकारी देते हुए जरूरी दस्तावेज जमा करवाएं। उस पर गौर कर जिला शिक्षा अधिकारी तीन सप्ताह में फैसला करेंगे। निजी स्कूल ऐसा तभी कर पाएंगे अगर उनकी आर्थिक स्थिति बेहद ही खराब है और उनके पास कोई रिजर्व फंड नहीं है।
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