हरियाणा के 1396 अस्थायी मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों के पचास हजार विद्यार्थियों के भविष्य पर मंडरा रहा खतरा बरकरार है। स्कूल शिक्षा निदेशालय ने इन स्कूलों के बच्चों का रिकार्ड शिक्षा बोर्ड भिवानी में संबद्धता फार्म भरने के लिए भेजा ही नहीं है। संबद्धता फार्म भरने की अंतिम तिथि 30 नवंबर है, जिससे छात्र और स्कूल संचालक दोनों परेशान हैं।
शिक्षा बोर्ड में छात्रों के फार्म अगर जमा नहीं हुए तो ये परीक्षा नहीं दे पाएंगे। इसके देखते हुए प्राइवेट स्कूल संघ ने शिक्षा निदेशालय से संबद्धता फार्म भरने की तिथि बढ़ाने और एनरोलमेंट फार्म जल्दी बोर्ड को भेजने की मांग शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा और स्कूल शिक्षा विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव धीरा खंडेलवाल से की है। संबद्धता तिथि आगे बढ़ने पर ही छात्र बिना लेट फीस के एनरोलमेंट करा सकेंगे।
शिक्षा निदेशालय ने आठवीं तक के 403 अस्थायी स्कूलों की छात्रों की लिस्ट तो शिक्षा बोर्ड को भेज दी, मगर 1396 स्कूलों की रोक रखी है। प्राइवेट स्कूल संघ के प्रदेशाध्यक्ष सत्यवान कुंडू ने कहा कि 1396 स्कूल ऐसे हैं, जिन्होंने एक वर्ष से अधिक समय से एग्जिस्टिंग सूची में नाम डलवाने के लिए अपनी फाइल निदेशालय में जमा कराई हुई है, लेकिन अभी तक उनको एग्जिस्टिंग सूची में नहीं डाला गया है।
इसके अलावा 600 स्कूल ऐसे भी हैं, जो गैर मान्यता है, लेकिन इनको विभाग का एमआईएस कोड मिला हुआ है, जिससे इन स्कूलों ने अपने बच्चों को एमआईएस पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकृत कर दिया है। ऐसे में अगर इन स्कूलों की संबद्धता नहीं भरवाई गई तो स्कूलों में अध्ययनरत बच्चों का भविष्य अधर में लटक जाएगा। उन्होंने चेताया कि अगर विभाग ने जल्दी बचे हुए स्कूलों के छात्रों के नाम शिक्षा बोर्ड को नहीं भेजे तो प्राइवेट स्कूल संचालक शिक्षा सदन पंचकूला का घेराव करने के लिए मजबूर होंगे। इसकी सारी जिम्मेदारी प्रशासन व सरकार की होगी।
निदेशालय से मांगेंगे रिपोर्ट : शर्मा
शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा ने कहा कि कोई भी छात्र संबद्धता से वंचित नहीं रहेगा। शिक्षा निदेशालय के अधिकारियों से रिपोर्ट तलब की जाएगी कि बचे हुए 1396 स्कूलों के छात्रों की सूची बोर्ड को अभी तक क्यों नहीं भेजी गई।