अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के आह्वान पर दिल्ली में गुरुवार से शुरू हुए दो दिवसीय ‘किसान मुक्ति मार्च’ में भाग लेने के लिए हरियाणा के भी दस हजार से अधिक किसान दिल्ली पहुंच गए हैं। गुरुवार सुबह वाहनों में किसान दिल्ली रवाना हुए। अधिकतर किसान तो दिल्ली पहुंच गए, लेकिन रेवाड़ी बार्डर किसानों के कई वाहनों को पुलिस ने रोक दिया।
किसानों के इस आंदोलन को समर्थन देने वाली स्वराज इंडिया पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष राजीव गोदारा ने बताया कि किसानों से भरे वाहन आराम से बिना किसी खलल के इस मार्च में भाग लेने दिल्ली जा रहे थे, लेकिन पुलिस ने इन वाहनों को रास्ते में ही रोक दिया। इस दौरान किसानों की पुलिस से थोड़ी तकरार भी हुई, लेकिन उसके बावजूद पुलिस ने इन वाहनों को दिल्ली दाखिल नहीं होने दिया और काफी देर वहीं रोके रखने के बाद उन्हे वहां से वापस लौटा दिया।
सियासी दलों से आह्वान, किसानों का साथ दें
स्वराज इंडिया पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष योगेंद्र यादव ने कहा इस दो दिवसीय प्रदर्शन के पहले दिन दिल्ली में बड़ी तादाद में किसानों ने मार्च निकालकर सरकार को ये बता दिया है कि देश का किसान वाकई परेशान है और सरकार की ओर देख रहा है। यादव के अनुसार इस मार्च में देश के 201 किसान व मजदूर संगठन भाग ले रहे हैं। इसलिए अब मैं सभी सियासी दलों से आह्वान करता हूं कि वे इस आंदोलन के दूसरे दिन शुक्रवार को किसानों का साथ दें और उनके आंदोलन में शामिल हों। उनके अनुसार इसी संदर्भ में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी पत्र लिखा गया है।