अचानक से बढ़ी ऑक्सीजन की डिमांड के कारण इसकी कीमत भी बढ़ा दी गई है। अब कंपनियां छोटे सिलेंडर की कीमतों में 60 से 80 रुपये तक का इजाफा कर दिया है। पहले जो सिलेंडर 180 रुपये का मिलता था, अब वह 240 से 260 रुपये में मिल रहा है। उसके लिए भी काफी इंतजार करना पड़ रहा है। बढ़ी कीमत को लेकर कंपनियों का कहना है कि सप्लाई बाधित होने के कारण रेट बढ़ाना पड़ रहा है क्योंकि उनके पास भी स्टॉक काफी कम रह गए हैं।
सरकारी अस्पतालों में स्थिति ठीक
निजी अस्पतालों की तुलना में सरकारी अस्पतालों की स्थिति काफी ठीक है। इसका कारण उनके यहां ऑक्सीजन प्लांट का होना है। पीजीआई हो या जीएमसीएच 32 और जीएमएसएच 16 सभी अस्पतालों में ऑक्सीजन का स्टॉक काफी मात्रा में है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि ओपीडी बंद होने के कारण उनके यहां ऑक्सीजन की खपत काफी कम हो गई है। इस कारण कोरोना काल में भी उन्हें ऑक्सीजन की कमी नहीं हो रही है।
ऑक्सीजन की बढ़ती कीमत के कारण निजी अस्पतालों के प्रबंधक परेशान हैं। अगर इस पर तत्काल नियंत्रण नहीं किया गया तो मरीजों को भी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। एक सिलिंडर पर 60 से 80 रुपये तक बढ़ा दिए गए हैं। इस पर नियंत्रण जरूरी है। - डॉ. रमनीक सिंह बेदी, अध्यक्ष, नर्सिंग होम एसोसिएशन चंडीगढ़