कोरोना काल में मरीजों व उनके तीमारदारों के साथ हो रही मनमानी वसूली को रोकने के लिए जिला मजिस्ट्रेट कुमार अमित ने गुरुवार को निजी एंबुलेंस के रेट निर्धारित कर दिए। जिला मजिस्ट्रेट ने डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट-2005 की धारा 26 के तहत मिले अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए मरीजों को लाने व ले जाने के लिए एंबुलेंस के रेट तय किए गए हैं। इसके तहत जिले में बिना ऑक्सीजन वाली एंबुलेंस का 10 किलोमीटर तक 1000 रुपये किराया और 10 किलोमीटर से ज्यादा होने पर 10 रुपये प्रति किलोमीटर किराये से ज्यादा वसूला नहीं जाएगा।
इसी तरह ऑक्सीजन और जीवन बचाने वाले जरूरी यंत्रों से लैस एंबुलेंस वाले 10 किलोमीटर तक 1600 रुपये और 10 किलोमीटर के बाद 15 रुपये प्रति किमी से ज्यादा किराया नहीं ले सकेंगे। उन्होंने बताया कि जो एंबुलेंस आधुनिक जीवन बचाओ यंत्रों के साथ लैस होंगी, वह 10 किमी तक 2500 रुपये और उससे ज्यादा जाने पर 25 रुपये प्रति किमी से ज्यादा किराया नहीं ले सकते हैं।
तय दाम में एंबुलेंस के सारे खर्च शामिल होंगे और एंबुलेंस चालक अपनी लॉग बुक पूरी रखने के पाबंद होंगे। उन्होंने साफ किया कि ऑक्सीजन के लिए कोई अतिरिक्त चार्ज नहीं लिया जाएगा और मोर्चरी वाहन के लिए भी यही कीमत निर्धारित होंगे। जिला मजिस्ट्रेट ने चेतावनी देते हुए कहा कि इसका उल्लंघन करने पर कानून के मुताबिक बनती कार्रवाई की जाएगी। इसके तहत एंबुलेंस का रजिस्ट्रेशन रद्द करके वाहन को जब्त भी किया जा सकता है।