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मैकेनिक की बेटी ने जीता एक लाख का इनाम, भाई को पढ़ाएगी

Tue, 15 Mar 2016 09:23 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हिसार
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कैंपस, क्लासरूम - फोटो : फाइल फोटो
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एक मैकेनिक की बेटी ने जीजेयू हिसार में आयोजित प्रिंट ओलंपियाड में एक लाख रुपये इनाम की राशि जीती, जिसे वह भाई की पढ़ाई पर खर्च करेगी।  चेन्नई में फोरव्हीलर मैकेनिक के. स्वामीनाथन की बेटी मंजुला स्वामीनाथन चेन्नै की अन्ना यूनिवर्सिटी में बीटेक प्रिंटिंग की फाइनल ईयर की छात्रा है। मध्यम वर्गीय परिवार की बेटी अंजुला की मां एस. कल्याणी गृहिणी है। मंजुला ने बताया कि उसने पहली बार किसी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में भाग लिया है।
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हालांकि वह इससे पहले अपने कॉलेज में हुई प्रतियोगिता में डिबेट और पेपर प्रजेंटेशन जीत चुकी है। राष्ट्रीय स्तर के फर्स्ट प्रिंट ओलंपियाड में हिस्सा लेकर वह खुश थी। लेकिन सोचा नहीं था कि मैं पुरस्कार की यह राशि जीत पाऊंगी। अब मुझे गर्व हो रहा है कि मेरे परिवार, गुरुजनों और साथियों के सहयोग की बदौलत मैने यह राशि जीत ली है। उन्होंने कहा कि वह इस राशि को बीसीए कर रहे अपने छोटे भाई वेंकेटरमन स्वामीनाथन की उच्च शिक्षा पर खर्च करना चाहती है।

प्रतियोगिता के ये थे नियम
प्रतियोगिता के लिए निमंत्रण देने के दौरान ही यूनिवर्सिटीज को 47 टॉपिक दे दिए गए थे। विद्यार्थी और टीचर्स दोनों ही इन टॉपिक की तैयारी कर के आए थे। प्रतियोगिता के दौरान बॉक्स में से एक टॉपिक की पर्ची निकालकर आधे घंटे में उसकी पूरी तैयारी करके विषय पर 5 मिनट का व्याख्यान देना था। यह तैयारी नेट, फोन, बुक कहीं से भी की जा सकती थी। इस दौरान मंजुला की ‘हाऊ प्रिंट कैन हैल्प टू कॉप-अप इंडियां रीटेन चैलेंज’ विषय की पर्ची निकली। मंजुला ने इस विषय की तैयारी की और अपना व्याख्यान दिया। व्याख्यान के दौरान उन्होंने ऑडियंस के प्रश्नों के जवाब भी दिए।
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जीजेयू के पूर्व छात्र व केयूके में लेक्चरर सचिन वर्मा ने जीते एक लाख
कुरूक्षेत्र विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ मॉस कम्यूनिकेशन एंड मीडिया टेक्नोलॉजी के अनुबंधित लेक्चरर सचिन वर्मा ने अध्यापक वर्ग की प्रतियोगिता में एक लाख की राशि जीती है। जीजेयू के ही पूर्व छात्र और कुरूक्षेत्र विश्वविद्यालय में अध्यापक सचिन वर्मा ने बताया कि उन्होंने जीजेयू से 2006 में बीटेक और 2008 में एमटेक किया था। इसी यूनिवर्सिटी में आकर यह राशि जीतकर वह गर्व महसूस कर रहे हैं। इस प्रोग्राम से न केवल हमारा आत्मविश्वास बढ़ा है, बल्कि फ्यूचर प्रिंट के बारे में भी हमें व हमारे विद्यार्थियों को जानने व समझने का मौका मिला है। प्रतियोगिता के दौरान मिले टॉपिक की तैयारी उन्होंने नेट से की थी। वक्तव्य के बाद उनसे 3 प्रश्न भी पूछे गए, जिनके उन्होंने सटीक जवाब दिए।

इन राज्यों से आए प्रतिभागी
प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए 15 राज्यों के विभिन्न शिक्षण संस्थानों को निमंत्रण दिया गया था। जिनमें से सात राज्यों के विभिन्न शिक्षण संस्थानों के 20 छात्रों और 7 अध्यापकों ने हिस्सा लिया। इस दौरान पश्चिमी बंगाल, तमिलनाडु, कर्नाटक, महाराष्ट्र, उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश और हरियाणा के छात्रों व विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया।
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