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मोदी के बड़े बोल- नौकरी लेने वाले नहीं, बल्कि देने वाले बनें दलित

Tue, 18 Oct 2016 08:25 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लुधियाना(पंजाब)
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पंजाब के लुधियाना में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी - फोटो : अमर उजाला
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहते हैं कि देश को नई आर्थिक ऊंचाईयों तक पहुंचाने के लिए गरीब और दलित को साथ लेकर चलना होगा। सरकार ऐसे उपाय कर रही है कि दलित नौकरी पाने की कतार में नहीं नौकरी देने वाले बनें।
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आजादी के सत्तर साल बाद भी दलितों के साथ कई बार ऐसी घटनाएं हो जाती है कि सिर शर्म से झुक जाता है। अब और इंतजार नहीं किया जा सकता, दलितों को भी प्रोत्साहित करना है। यदि उनको समान अवसर मिलें तो वह देश का भाग्य बदलने में सक्षम हैं। एमएसएमई मंत्रालय के राष्ट्रीय अवार्ड समारोह में एसएसी, एसटी हब स्कीम लांच करते हुए मोदी ने कहा कि इस कार्यक्रम को हर दलित तक पहुंचाना है।

देश में सवा लाख बैंक शाखाएं हैं। हर शाखा एक अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, महिला को एक-एक करोड़ का लोन दे उनको उद्यमी बनाए तो दलित के उत्थान में क्रांति हो सकती है। केंद्र ने राज्य सरकारों से भी कहा है कि वह सरकारी खरीद में चार फीसदी हिस्सेदारी दलित उद्यमियों को दें। इससे इन उद्यमियों को मार्केटिंग के लिए सहयोग हो सकेगा।
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दलितों के लिए नई स्कीमें लॉन्च करना स्वागत योग्य

पंजाब के लुधियाना में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
मोदी ने कहा मुद्रा योजना के तहत डेढ़ साल में 3.75 करोड़ कारोबारियों को दो लाख करोड़ के लोन दिए गए, जिनमें सत्तर फीसदी महिलाएं, दलित एवं पिछड़ी जातियों के लोग हैं। इससे पहले पंजाब भाजपा प्रधान विजय सांपला ने भी कहा कि पंजाब में 32 फीसदी आबादी दलित है।

ऐसे में दलितों के लिए नई स्कीमों को यहां से लांच करना स्वागत योग्य है। केंद्रीय एमएसएमई मंत्री कलराज मिश्र ने भी दलितों के उत्थान की बात करते हुए साफ किया कि डॉ. बीआर अंबेडकर के सपने को साकार करना है।

उन्होंने कहा एससी एसटी हब स्कीम में सरकारी खरीद में चार फीसदी यहां से खरीद अनिवार्य की गई है। दलित उद्यमियों की क्षमता का विकास किया जाएगा। उनका डाटा बैंक तैयार हो रहा है। बैंक लोन, मार्केटिंग में सहयोग किया जा रहा है। इस स्कीम में 900 कंपनियां जुड़ी हैं। जोकि इनसे सामान खरीदने को तैयार हैं।
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