ऐसा कोई खाद्य पदार्थ नहीं, जिसके दाम न बढ़े हों
इस महंगाई ने मेरी रसोई का बजट फिर से बिगाड़ दिया है। ऐसा कोई खाद्य पदार्थ नहीं, जिसके दाम न बढ़े हों। पहले महीने के अंत में कुछ बचत हो जाती थी, लेकिन अब इस बारे में सोच भी नहीं सकते। -पुष्पा मल्होत्रा, गृहिणी, सेक्टर 44
अच्छे दिनों के इंतजार में रसोई के बुरे दिन
सब कुछ महंगा हो चुका है। अच्छे दिनों के इंतजार में आज रसोई के बुरे दिन आ गए हैं। कोरोना के बाद महंगाई सबसे बड़ी महामारी बन गई है। मध्य वर्गीय परिवार के लिए घर खर्च चलाना अब किसी चुनौती से कम नहीं है। -डेजी बेदी जुनेजा, निवासी सेक्टर-44
अब तो ऑटो से जाना भी महंगा हो गया
पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ने से यातायात महंगा हो गया है। सोचा था कि पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करने से कुछ पैसे बचेंगे, लेकिन अब वह भी संभव नहीं। ऑटो वालों ने भी किराया बढ़ा दिया है। -सुप्रिया गोयल, निवासी सेक्टर-28
घर चलाने के लिए लोन लेने की स्थिति आने वाली है
ऐसा लग रहा है कि घर का खर्च चलाने के लिए भी लोन लेना पड़ेगा। हर महीने सोचते हैं कि कुछ बचा लेंगे, लेकिन महंगाई की वजह से कुछ नहीं बचता। ऐसे में यह तय नहीं हो पाता कि किस चीज में कटौती करें, और कहां खर्च करें। - नेहा शर्मा, मोहाली