अमृतसर की प्रतिष्ठित सीट की जंग अब कैप्टन अमरिंदर सिंह और बादल परिवार के बीच सिमटती नजर आ रही है।
एक तरफ मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल और डिप्टी सीएम सुखबीर बादल हैं। तो दूसरी तरफ पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह। चुनावी गर्मी बढ़ने के साथ-साथ दोनों के बीच जुबानी जंग तेज होती जा रही है।
जंग की शुरुआत ही ऑपरेशन ब्लू स्टार जैसे विवादास्पद मुद्दे से हुई थी। शिअद को गठबंधन सहयोगी भाजपा के वोट बैंक का भी ध्यान रखना है।
इसलिए वह अपने पंथक स्टैंड को फिलहाल दरकिनार कर चल रही है। उधर, कैप्टन खुल कर हमले बोल रहे हैं।
कैप्टन अमरिंदर को अमृतसर से टिकट देने के ऐलान के बाद कुछ दिन तक तो उनके और अरुण जेटली के बीच बयानबाजी हुई। पर आखिर हुआ वही, जिसकी उम्मीद थी।
जेटली की तरफ से पहले बादल, फिर सुखबीर मैदान में डट गए। दोनों केबयानों के बाद कैप्टन भी लगातार जवाबी हमले बोल रहे हैं। अब लड़ाई कैप्टन और बादल परिवार के बीच सिमटती नजर आ रही है।
कैप्टन ने ऑपरेशन ब्लू स्टार को लेकर बादल पर हमला बोला। जवाब में बादल ने कैप्टन को सिख पंथ का गद्दार बताते हुए कह दिया कि इंदिरा गांधी ने उन्हें कांग्रेस का एजेंट बना कर शिअद में भेजा था।
कैप्टन ने कैबिनेट मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया पर ड्रग रैकेट को लेकर वार किया तो मजीठिया ने भी तीखा हमला बोला। अब डिप्टी सीएम सुखबीर बादल ने कैप्टन पर सांप्रदायिक कार्ड खेलने का आरोप लगाया है।
उन्होंने यहां तक कह दिया कि कैप्टन अमृतसर में सांप्रदायिक कलह पैदा कर रहे हैं। जवाब में कैप्टन ने भी आतंकवाद के दौरान मारे गए लोगों का मुद्दा उठा दिया।
उन्होंने कहा कि अगर वह सांप्रदायिक सियासत कर रहे हैं तो शिअद उस दौर में मारे गए 35000 लोगों की हत्या की निंदा करे।
उन्होंने आरोप लगाया कि बादल ने कभी पीड़ित परिवारों का दर्द महसूस नहीं किया, वह आतंकवादियों के भोग में शामिल होते रहे हैं।