बहुचर्चित लुधियाना सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता को न्याय देने की बजाय सेहत विभाग के अधिकारी उस पर समझौते के लिए दबाव बना रहे हैं। सोमवार को पीड़िता और उसके दोस्त को तीन सदस्य जांच बोर्ड ने बुलाया] जहां मेडिकल टीम को बुलाकर आमने-सामने किया गया। सेहत विभाग अधिकारियों ने एक तरफ होकर पीड़िता पर दबाव बनाने की कोशिश की, तो पीड़िता और उसका दोस्त बाहर आ गए। उन्होंने इस मामले की पूरी जानकारी सिविल सर्जन डॉ. परविंदर पाल सिद्धू को दी। पीड़िता ने एक बात स्पष्ट कर दी कि वह कोई समझौता नहीं करेगी, उसे सिर्फ इंसाफ चाहिए।
सिविल सर्जन डॉ. परविंदर पाल सिद्धू ने कहा कि जांच किसी अन्य जिले में ट्रांसफर कर देते हैं। इस पर पीड़िता ने सिविल सर्जन को साफ कहा कि क्यों जांच के नाम पर उसे प्रताड़ित कर रहे हैं। वह तो पहले इस मामले से दुखी है। अब दूसरे जिले में जांच ट्रांसफर करने से उसे वहां जाकर धक्के खाने पड़ेंगे। उसे इंसाफ चाहिए तो यहीं से चाहिए। अन्यथा वह कोई सख्त कदम उठाने के लिए मजबूर होगी। पीड़िता ने दोबारा लिखित बयान देकर सिविल सर्जन को इंसाफ देने की मांग की है।