पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने राज्य में दो किलोवाट तक के कनेक्शन लोड वाले उपभोक्ताओं के सभी बकाया बिल माफ करने का एलान किया है। बुधवार को कैबिनेट बैठक के बाद यह एलान करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि माफ की गई बकाया राशि का बिजली बोर्ड को भुगतान राज्य सरकार द्वारा किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उक्त बकाया बिल माफ करने के अलावा यह भी फैसला किया गया है कि सभी काटे गए कनेक्शन भी बहाल किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि पिछले बिल की केवल मौजूदा बिल की रकम देनी ही जरूरी होगी और बकाया राशि के कॉलम में लिखी सारी रकम माफ कर दी गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार द्वारा लिए गए इस फैसले से सरकार पर 1200 करोड़ रुपये का बोझ पड़ेगा। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में 75 से 80 फीसदी उपभोक्ता, ऐसे हैं जिनका लोड 2 किलोवाट से कम है और अब इन सभी के पिछले बकाया माफ समझे जाएं।
उन्होंने आगे कहा कि जिन उपभोक्ताओं के पास जो पिछला बिल आया है, उसमें दिखाया गया सारा बकाया, भले ही कितने साल पुराना हो, माफ समझा जाएगा और उसे केवल पिछले महीने का बिल ही देना होगा और आगे आने वाले बिल भरने होंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में 72 लाख कुल उपभोक्ता हैं, जिनमें से 53 लाख वह हैं, जिनका लोड 2 किलोवाट से कम है। उन्होंने बताया कि 57 हजार से एक लाख कनेक्शन बिल न भरे जाने के कारण काटे गए हैं और यह सभी कनेक्शन बिना किसी फीस के जोड़े जाएंगे।
यह भी पढ़ें - इस्तीफे के बाद सिद्धू का वीडियो संदेश: अधिकारियों की नियुक्ति पर उठाए सवाल, कहा- इस तरह सिस्टम नहीं बदला जा सकता
उन्होंने कहा कि वैसे तो कनेक्शन जोड़ने की फीस 1500 रुपये है लेकिन जिन उपभोक्ताओं के कनेक्शन कटे हुए हैं, उन्हें इस बार यह फीस नहीं देनी होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार समझती है कि जो बिल नहीं भरे गए, वह किस कारण नहीं भरे गए हैं, क्योंकि इन लोगों के पास इतना बिल भरने की क्षमता नहीं है। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात में बिजली कनेकशन कटे होना बड़ी मुश्किल वाली बात है। उन्होंने यह भी कहा कि बिजली संबंधी कुछ एलान अगली कैबिनेट बैठक में किए जा सकते हैं।
यह आदेश आज से ही लागू होंगे: चन्नी
बिजली उपभोक्ताओं संबंधी राज्य सरकार द्वारा किए गए एलान, कब से लागू होंगे, इस बारे में पूछे जाने पर मुख्यमंत्री चन्नी ने कहा कि मैंने कह दिया है तो आज से ही यह आदेश लागू हो जाएंगे। जिन लाखों उपभोक्ताओं के बिजली के बकाया बिल सरकार द्वारा अदा किए जाने हैं और बिजली कनेक्शन बहाल किए जाने हैं। यह पूछे जाने पर कि अगर दोबारा ऐसे उपभोक्ताओं द्वारा बिलों की अदायगी नहीं की गई तो मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले बिल नियमित तौर पर भरने होंगे लेकिन तब सरकार सिर्फ ऐसे ही उपभोक्ताओं को राहत देगी जो वित्तीय तौर पर बिल भरने में असमर्थ हों।