उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन को लेकर कांग्रेस नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। कांग्रेसी सरकार की इस कवायद को घिनौनी साजिश बता रहे हैं। कांग्रेस के मीडिया प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा है कि प्रधानमंत्री और भाजपा नेतृत्व की ओर से केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक बुलाकर एक घिनौनी साजिश रची गई। इसी साजिश के तहत हरिश रावत के नेतृत्व वाली उत्तराखंड की चुनी हुई सरकार को गिराने का जाल बुना गया। रविवार को इस साजिश का पटाक्षेप भी हो गया। उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन का लागू किया जाना प्रजातंत्र की हत्या और संविधान को कुचलने जैसा कदम है।
सुरजेवाला रविवार को चंडीगढ़ में प्रेसवार्ता के दौरान बोल रहे थे। उन्होंने केंद्र सरकार पर उत्तराखंड प्रकरण को लेकर ओछी राजनीति का आरोप लगाया। कहा कि उत्तराखंड में पहले भारतीय जनता पार्टी ने सत्ता और धनबल का दुरुपयोग किया, बाद में भाजपा औंधे मुंह गिरी। इसके बाद फर्जी स्टिंग ऑपरेशन का सहारा लिया गया, जिसमें भाजपा फिर औंधे मुंह गिरी। भारतीय जनता पार्टी और भगोड़े विधायक हाईकोर्ट के दरवाजे तक गए, लेकिन न्यायपालिका ने हमें न्याय दिया। उनकी याचिका खारिज कर दी गई। जब सभी रास्ते बंद हो गए तो कांग्रेस की उत्तराखंड की सरकार को तोड़ने के लिए एक नया स्वांग रचा गया। कानून और संविधान की धज्जियां उड़ाते हुए रविवार को वहां राष्ट्रप्रति शासन लगा दिया गया।
उन्होंने कहा कि देश की 130 करोड़ जनता इसे देख रही है। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का कहना है कि केवल कांग्रेस पार्टी नहीं, बल्कि उत्तराखंड की जनता के साथ पूरा देश इस दमनकारी नीति का विरोध करेगा। जिन पांचों राज्यों में चुनाव होना है, वहां की जनता भाजपा को पूरी तरह से नकारने वाली है। सुरजेवाला ने भाजपा पर विधायकों को तोड़ने के लिए कई और साजिश रचने के भी आरोप लगाए हैं।
संवैधानिक अधिकारों के लिए कानूनी राय लेगी कांग्रेस
सुरजेवाला ने कहा कि कांग्रेस मोदी सरकार से न डरने वाली है, न दबने वाली और न ही झुकने वाली है। इस मामले में जरूरी कानूनी राय के बाद अपने संवैधानिक अधिकारों का पार्टी इस्तेमाल करेगी। मामले को जनता की अदालत में लेकर जाएंगे। दिल्ली और बिहार के जागरूक मतदाताओं ने सत्ता प्राप्ति के बाद मोदी की अहंकारी प्रवृत्ति को सजा दी है, पांच राज्यों के उपचुनाव, पांच राज्यों के चुनाव और अगले सभी चुनावों में वहां की जनता इसका फिर जवाब देगी।
उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन की कैप्टन ने की निंदा
पंजाब प्रदेश कांग्रेस प्रधान कैप्टन अमरिंदर सिंह ने उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन लगाए जाने की निंदा की है। उन्होंने इसे लोकतंत्र की हत्या बताते हुए संविधान के संघीय ढांचे को चोट पहुंचाने वाला कदम बताया। साथ ही इस मुद्दे पर सीएम प्रकाश सिंह बादल को अपना स्टैंड साफ करने को कहा जोकि हमेश संघीय ढांचे की वकालत करते रहे हैं। कैप्टन ने कहा कि बादल की बहू हरसिमरत कौर उसी कैबिनेट का हिस्सा है, जिसने उत्तराखंड की कांग्रेस सरकार को बर्खास्त करने का असंवैधानिक फैसला लिया। कैप्टन ने कहा कि यह बादल के दोहरे मानदंडों को एक और उदाहरण है, जोकि कहते कुछ हैं और करते कुछ और हैं। कैप्टन ने हैरानी जताई कि पीएम नरेंद्र मोदी खुद बतौर सीएम मजबूत संघीय ढांचे की वकालत करते आए हैं और आज खुद यह फैसला लागू कर रहे हैं। विश्वास या अविश्वास का फैसला विधानसभा में होता है, पर केंद्र सरकार ने उसके लिए भी इंतजार नहीं किया।