श्री हरमंदिर साहिब में नतमस्तक हुईं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू।
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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू गुरुवार को अपने पहले अमृतसर दौरे पर श्री हरमंदिर साहिब जी पहुंचीं और यहां माथा टेका। इसके बाद उन्होंने जलियांवाला बाग में शहीदों को श्रद्धांजलि दी। यहां से वह श्री दुर्ग्याणा तीर्थ मंदिर पहुंचीं और दौरे के अंत में श्री रामतीर्थ स्थित महर्षि वाल्मीकि मंदिर में नतमस्तक हुईं।
श्री हरमंदिर साहिब जी में नतमस्तक होने के बाद उन्होंने यात्रा पुस्तिका में लिखा, 'मैं इस पवित्र स्थान पर आकर बहुत खुश हूं। मैंने यहां देश की शांति, प्रगति और समृद्धि के लिए प्रार्थना की है।' उन्होंने यहां गुरबाणी सुनी व पंगत में बैठकर लंगर का प्रसाद ग्रहण किया। जलियांवाला बाग में उन्होंने अपने संदेश में लिखा, 'यह स्मारक आने वाली पीढ़ियों को आजादी के महत्व और उसके लिए किए गए बलिदान की याद दिलाएगा और राष्ट्र निर्माण में योगदान के लिए प्रेरित करता रहेगा।'
इससे पहले श्री हरमंदिर साहिब जी में एसजीपीसी ने उन्हें विशेष रूप से सम्मानित किया। इस दौरान एसजीपीसी के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने उन्हें बंदी सिखों की रिहाई और हरियाणा गुरुद्वारा प्रबंधन एक्ट-2014 को रद्द करने के संबंध में मांग पत्र भी सौंपे। मांग पत्र में गुरदीप सिंह खेड़ा, बलवंत सिंह राजोआना, दविंदरपाल भुल्लर और जगतार हवारा समेत नौ सिख कैदियों का जिक्र किया है। मांग में कहा गया है कि हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधन अधिनियम-2014 को असंवैधानिक तरीके से बनाया गया है। इस मौके पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान भी उनके साथ थे। अपने दौरे के अंत में श्री रामतीर्थ में माथा टेकने के बाद वह दिल्ली रवाना हो गईं।