बैंक की ओर से अलग-अलग किश्तों में मालिकों को 8.25 करोड़ रुपये की राशि मशीनरी व बिल्डिंग बनाने के लिए दी गई थी। शिकायत के अनुसार 29 मई 2019 को जब सीनियर मैनेजर विनोद कुमार तथा स्केल अधिकारी मुनिश्वर सचदेवा मौके पर गए तो शैलर में से मशीनरी गायब थी और बिल्डिंग को भी उखाड़ दिया गया था।
इसी दरमियान 11 मई 2019 को डायरेक्टर शमिंदर सिंह व बलजिंदर सिंह ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया, जिसे बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने भी मंजूर कर लिया। बैंक के अनुसार ऐसा कर दोनों पार्टनर ने बैंक से 16.30 करोड़ रुपये की ठगी की है। शिकायत के बाद थाना सदर पुलिस ने जांच के उपरांत शमिंदर सिंह व बलजिंदर सिंह के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया था।
इस मामले में बैंक मैनेजर विनोद कुमार का कहना है कि 26 दिसंबर को बैंक की ओर से नीलामी की जाएगी। फिलहाल उनके पास अभी तक किसी खरीददार ने आवेदन नहीं किया है। जबकि विधायक रोजी बरकंदी का कहना है कि इस मामले में कोर्ट का स्टे मिला हुआ है। ऐसे में नीलामी कैसे हो सकती है।