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अमर उजाला स्वास्थ्य अभियान: कोविड से जंग की तैयारी, चंडीगढ़ में हर स्तर पर चाक चौबंद हुई व्यवस्था

Thu, 31 Mar 2022 02:03 AM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

महामारी को मात देने के लिए चंडीगढ़ प्रशासन ने ऑक्सीजन बेड की उपलब्धता बढ़ाकर 1274 कर दी है। पीजीआई समेत अन्य सरकारी व निजी अस्पतालों में कोरोना के लिए आरिक्षत वेंटिलेटर बेड की संख्या 239 है।
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पीजीआई में नेहरू एक्सटेंशन ब्लॉक में लगा ऑक्सीजन का प्लांट। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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चंडीगढ़ में कोरोना महामारी की पहली व दूसरी लहर में मरीजों ने ऑक्सीजन से लेकर बेड तक की किल्लत झेली है लेकिन अब व्यवस्था चाक-चौबंद हो चुकी है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने शहर के सरकारी व निजी अस्पतालों में कोरोना के ऑक्सीजन और वेंटिलेटर बेड की उपलब्धता सुनिश्चित कर दी है। कोरोना महामारी में जीवन रक्षक दवाओं व इंजेक्शन का भरपूर स्टॉक उपलब्ध है। इतना ही नहीं, पीजीआई और जीएमसीएच 32 के साथ जीएमएसएच 16 में भी आरटीपीसीआर जांच लैब स्थापित की जा चुकी है। शहर में छह ऑक्सीजन जेनरेटर प्लांट संचालित किए जा रहे हैं।

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स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन ने इलाज के साथ टीकाकरण पर ध्यान केंद्रित कर लिया है। अधिकारियों के अनुसार टीकाकरण की सफलता संक्रमण की गंभीरता से बचाने में कारगर साबित होगी। इसलिए जरूरी है कि लोग भ्रम और डर को दरकिनार कर खुद और अपने पूरे परिवार को टीके का सुरक्षा चक्र प्रदान करें।

टूटती सांसों को मिलेगी संजीवनी

दूसरी लहर के दौरान ऑक्सीजन की कमी के कारण पीजीआई जैसे चिकित्सा संस्थान को भी परेशानी झेलनी पड़ी थी लेकिन अब स्थिति नियंत्रण में है। पीजीआई समेत शहर के अन्य सरकारी अस्पतालों में 6 ऑक्सीजन जेनरेटर प्लांट संचालित किए जा रहे हैं। यहां भरपूर मात्रा में ऑक्सीजन उपलब्ध है।

बड़ों से लेकर बच्चों तक के लिए वेंटिलेटर उपलब्ध

महामारी को मात देने के लिए प्रशासन ने ऑक्सीजन बेड की उपलब्धता बढ़ाकर 1274 कर दी है। पीजीआई समेत अन्य सरकारी व निजी अस्पतालों में कोरोना के लिए आरिक्षत वेंटिलेटर बेड की संख्या 239 है। राहत की बात यह है कि बच्चों पर मंडराते खतरे को ध्यान में रखते हुए जीएमएसएच-16 में 32 बेड के बच्चों के आईसीयू की स्थापना का कार्य चल रहा है जबकि मनीमाजरा और सेक्टर 45 के सिविल अस्पताल में बच्चों के लिए ऑक्सीजन बेड का वार्ड बनकर तैयार है।

दवाओं के भरपूर स्टॉक हैं उपलब्ध

कोरोना की पहली व दूसरी लहर में मरीजों को दवा और इंजेक्शन न मिलने से परेशान होना पड़ा था। इस स्थिति से बचाव के लिए विभाग ने सभी जरूरी दवाओं व इंजेक्शन का भरपूर स्टॉक में सुरक्षित कर रखा है। कोरोना टीकाकरण अभियान के लिए भी मानक के अनुसार टीके की उपब्लधता सुनिश्चित कर ली है।

स्वास्थ्य विभाग भी कर रहा आरटीपीसीआर

कोरोना की दूसरी लहर के बाद स्वास्थ्य विभाग की ओर से जीएमएसएच 16 में आरटीपीसीआर लैब स्थापित की जा चुकी है। इससे पहले कोरोना के संदिग्ध नमूनों की जांच के लिए विभाग को जीएमसीएच-32 व पीजीआई पर निर्भर रहना पड़ रहा था लेकिन अब अपनी लैब में वे प्रतिदिन 300 नमूनों की जांच कर सकते हैं।

यहां है इतनी ऑक्सीजन की व्यवस्था

पीजीआई : दो हजार एलपीएम (लीटर प्रति मिनट)
जीएमएसएच-16 : 500 एलपीएम
जीएमसीएच-32 : एक हजार एलपीएम
सेक्टर-48 अस्पताल : 100 एलपीएम
(जीएमसीएच 32 व जीएमएसएच 16 में 800-800 एलपीएम क्षमता वाले नए प्लांट बनकर तैयार हो चुके हैं।)

कोरोना महामारी से बचाव के लिए टीकाकरण अभियान का सफलतापूर्वक संचालन किया जा रहा है। ऑक्सीजन बेड, वेंटिलेटर और ऑक्सीजन जेनरेटर प्लांट की उपब्लधता के स्तर पर भी हम मजबूत स्थिति में हैं। -डॉ. सुमन सिंह, स्वास्थ्य निदेशक

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