सिंचाई मंत्री श्रुति चौधरी ने अधिकारियों को दिए निर्देश, रिहैबिलिटेशन योजना भी होगी तैयार
नहरी पानी का न्यायोचित और हर टेल तक पानी पहुंचाना उनकी प्राथमिकता
चंडीगढ़। सिंचाई मंत्री श्रुति चौधरी ने प्रदेश की सभी नहरों, नालों और रजबाहों की रिमॉडलिंग और रिहैबिलिटेशन की योजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। रिमॉडलिंग में पूरी नहर का पुर्ननिर्माण होता है, जबकि रिहैबिलिटेशन में बड़ा बदलाव नहीं होता, बल्कि विशेष मरम्मत की जाती है। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य की सभी नहरों को इंटरलिंक करने के लिए एक ठोस प्रस्ताव तैयार किया जाए।
चौधरी मंगलवार को यहां अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर रही थी। बैठक में सिंचाई मंत्री ने कहा कि नहरी पानी का न्यायोचित बंटवारा व हर टेल तक पानी पहुंचाना उनकी प्राथमिकता है। नहरों में गाद और खरपतवार साफ करने का भी अभियान चलाने के लिए केंद्र को पत्र लिखने के निर्देश दिए। बैठक में सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अनुराग अग्रवाल के अलावा अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
अगले सप्ताह इंजीनियरों से लेंगी फीडबैक
चौधरी ने कहा कि अगले सप्ताह से वे फील्ड में तैनात सभी अधीक्षक अभियंताओं और एसडीओ के साथ नियमित आधार पर वीडियो कान्फ्रेंसिंग से बातचीत करेंगी, ताकि धरातल पर समस्याओं की जानकारी व फीडबैक लिया जा सके। कहा, विभाग की विजिलेंस विंग को और अधिक सक्रिय किया जाए। उन्होंने हरियाणा राज्य प्रवर्तन ब्यूरो के अधिकारियों के साथ भी तालमेल बढ़ाने के निर्देश दिए। मंत्री ने चेताया कि गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और विभाग के मैन्यूअल कोड के अनुसार निर्माण सामग्री की नियमित सैपलिंग ली जाए और उसकी लैब में जांच करवाई जाए।