स्मार्ट सिटी के लोगों को अब मोबाइल की तर्ज पर बिजली की सप्लाई के लिए प्रीपेड बिजली की सर्विस मिल सकेगी। यूटी इलेक्ट्रिक विभाग ने अगले साल तक शहर में बिजली के प्रीपेड बिजली मीटर लगाने की योजना पर काम शुरू कर दिया है।
जानकारी के अनुसार जल्द ही इंजीनियरिंग विभाग प्री पेड बिजली मीटर लगाने के लिए कंपनियों को टेंडर जारी कर आवेदन मांगेगा। जानकारी अनुसार शहर में करीब 1 लाख 70 हजार बिजली मीटर लगे हैं। अधिकतर मकान मालिक अपने किराएदार के लिए अलग से मीटर लगवाते हैं। प्रीपेड मीटर लगवाने की सुविधा मकान और इंडस्ट्री दोनों में दी जाएगी।
शहर में किया जाएगा सर्वे
शहर में प्रीपेड बिजली मीटर लगाने से पहले इंजीनियरिंग विभाग सर्वे कराएगा। सर्वे का काम टेंडर लेने वाली कंपनी को दिया जाएगा। इंजीनियरिंग विभाग के पास भी लोग सुझाव भेज सकते हैं। प्रीपेड मीटर का रिकार्ड अपडेट रखने के लिए इंजीनियरिंग विभाग एक सेंटर भी स्थापित करेगा। अधिकारियों के अनुसार लोगों से अच्छा रिस्पांस आने के बाद ही प्रीपेड बिजली मीटर लगाने पर काम शुरू होगा।
प्रीपेड मीटर पर आएगा करीब 12 हजार खर्च
इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारियों का मानना है कि प्रीपेड मीटर का खर्च सामान्य मीटर के काफी अधिक होगा। एक प्रीपेड मीटर लगवाने के लिए 10 से 12 हजार खर्च करने होंगे। प्रीपेड मीटर से किराएदार रखने वाले लोगों को काफी फायदा होगा। प्रीपेड कूपन से जरूरत के हिसाब से लोग बिजली खरीद सकेंगे।
दिवाली की तैयारी के लिए लग रहे बिजली कट
शहर में पिछले करीब हफ्ते भर से 5 से 10 सेक्टर में 4 से 7 घंटे तक बिजली कट लग रहे हैं। इलेक्ट्रिकल विभाग के अधिकारियों के अनुसार दिवाली पर इस बार बिना कट बिजली की सप्लाई करने के लिए कट लग रहे हैं। इलेक्ट्रिकल विभाग हर रोज सेक्टरों में बिजली लाइन और फाल्ट को दुरुस्त करने में जुटा हुआ है। जिसके कारण हर रोज कई सेक्टर में बिजली कट लगाने पड़ रहे हैं। एमपी सिंह के अनुसार ठंड बढ़ने से बिजली की खपत में काफी कमी आई है।
शहर में प्रीपेड बिजली मीटर शुरू करने के लिए जल्द ही टेंडर जारी किया जाएगा। नए सिस्टम के लिए लोगों के बीच सर्वे भी कराया जाएगा। किराएदार रखने वालों को प्रीपेड मीटर लगवाने से काफी फायदा होगा।
- एमपी सिंह, सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर (इलेक्ट्रिकल) यूटी प्रशासन