हरियाणा सरकार ने प्रदेश की जेलों में बंद कैदियों को अपने पारिवारिक सदस्यों, मित्रों और वकील से फोन पर बातचीत की जो सुविधा दी है, उसे और सरल बनाते हुए कैदियों को पोस्टपेड नंबर के साथ-साथ प्री-पेड नंबर भी मुहैया कराने का फैसला किया है।
कैदी इन नंबरों पर सप्ताह में 35 मिनट तक बात कर सकेंगे। कारागार विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि कैदियों के लिए व्यावसायिक प्रशिक्षण योजना के तहत राज्य की 16 जेलों में प्रथम चरण में दो या तीन व्यवसायों में प्रशिक्षण देने के उद्देश्य से केंद्र स्थापित किए गये हैं।
इसके लिए तकनीकी विभाग की सहायता ली गई है। अब तक लगभग 1000 कैदियों को प्रशिक्षण देने के लिए नामित किया गया है। उन्होंने बताया कि कैदियों के शिक्षा स्तर को बढ़ाने के लिए इग्नू व एनआईओएस केंद्रों की स्थापना की गई है।
उन्होंने बताया कि कैदियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं व चिकित्सा उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से 16 चिकित्सा अधिकारियों को अनुबंध आधार पर नियुक्त किया गया है।
कैंटीन प्रणाली से सामान खरीदने की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से केंद्रीय जेल अंबाला, जिला गुड़गांव, फरीदाबाद, सोनीपत व करनाल में कैशलैस सुविधा शुरू की गई है।
प्रवक्ता ने बताया कि जिला जेल गुड़गांव में एनजीओ की मदद से सीसीटीवी सिस्टम लगाया गया है। इसके अतिरिक्त केंद्रीय जेल अंबाला, जिला जेल नारनौल, सोनीपत, जींद और करनाल में भी सीसीटीवी कैमरे लगाए गये हैं।
राज्य की कुछ जेलों में कैदियों की अधिकता के मद्देनजर पानीपत में जिला जेल का निर्माण कार्य प्रगति पर है। इसके अतिरिक्त, सभी जेलों में आधुनिक मुलाकात कक्ष भी बनाए जा रहे हैं।